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सात साल पुराना विवाद खत्म, फिर खिला परिवार में खुशियों का रंग

मध्यस्थता केंद्र की पहल से पति-पत्नी ने भुलाए गिले-शिकवे, साथ रहने का लिया संकल्प
बांका व्यवहार न्यायालय स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मध्यस्थता केंद्र में शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को एक सराहनीय पहल ने वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक विवाद को सुखद मोड़ दे दिया। करीब सात साल पुराने वैवाहिक विवाद का मध्यस्थता के माध्यम से सफल समाधान कराया गया। आपसी गिले-शिकवे और गलतफहमियों को पीछे छोड़ते हुए पति-पत्नी ने एक बार फिर साथ रहकर सुखद दांपत्य जीवन बिताने पर सहमति जताई।
मामला एसीजेएम-तृतीय, बांका की अदालत में लंबित वाद संख्या C 829/2019 से जुड़ा था। यशोदा कुमारी ने अपने ससुराल पक्ष के विरुद्ध दहेज प्रताड़ना एवं मारपीट से संबंधित मामला दर्ज कराया था। मामले में पति प्रदीप पंडित, ससुर दशरथ पंडित, सास अमला देवी और देवर बुद्धनारायण कुमार पक्षकार थे।
न्यायालय द्वारा विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने के उद्देश्य से मामले को मध्यस्थता केंद्र भेजा गया। यहां DLSA बांका की सचिव श्रीमती सपना रानी की मौजूदगी में मध्यस्थ मो. इकबाल हुसैन ने दोनों पक्षों की काउंसलिंग की। दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना गया और रिश्तों की अहमियत, आपसी संवाद तथा परिवार के भविष्य को ध्यान में रखते हुए समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास किया गया।
मध्यस्थता के दौरान सामने आया कि पारिवारिक गलतफहमियों और संवाद की कमी के कारण रिश्तों में दूरियां बढ़ती चली गई थीं। समझाइश और आपसी बातचीत के बाद दोनों पक्ष पुराने गिले-शिकवे भुलाकर नए सिरे से रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हुए।
ससुराल पक्ष ने यशोदा कुमारी को सम्मान, सुरक्षा और स्नेह देने का भरोसा दिलाया। वहीं यशोदा कुमारी ने भी पति और ससुराल वालों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए पुनः साथ रहने की इच्छा जताई। दोनों पक्षों ने बिना किसी डर, दबाव या प्रलोभन के स्वेच्छा से समझौता स्वीकार किया और वाद को समझौते के आधार पर समाप्त करने का अनुरोध किया।
इस पूरे मामले में DLSA सचिव सपना रानी की सक्रिय मौजूदगी और मध्यस्थता प्रक्रिया को सुचारु बनाने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। उनके मार्गदर्शन में मध्यस्थता केंद्र ने विवाद को केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित न रखकर परिवार को संवाद और समझौते के रास्ते पर लाने का प्रयास किया। ऐसे मामलों में उनकी संवेदनशील पहल और सकारात्मक दृष्टिकोण परिवारों को टूटने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सफल समझौते के बाद वर्षों से दूर चल रहे पति-पत्नी के रिश्ते में एक बार फिर नई उम्मीद जगी है। यह मामला इस बात का उदाहरण बना कि संवाद, समझदारी और मध्यस्थता के जरिए वर्षों पुराने विवादों का भी शांतिपूर्ण समाधान संभव है।
इस अवसर पर मध्यस्थता केंद्र के कार्यालय कर्मी राहुल रंजन एवं युवराज सिंह भी मौजूद रहे। मनोरंजन प्रसाद, ब्यूरो चीफ, बांका।

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