Home / News / दो लाख रुपये और वॉशिंग मशीन रिश्वत मामले में रोसड़ा की तत्कालीन DCLR कंचन कुमारी झा निलंबित

दो लाख रुपये और वॉशिंग मशीन रिश्वत मामले में रोसड़ा की तत्कालीन DCLR कंचन कुमारी झा निलंबित

लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा

गिरफ्तारी के बाद बिहार सरकार की कार्रवाई, 27 अगस्त से प्रभावी रहेगा निलंबन

समस्तीपुर। रोसड़ा की तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा के खिलाफ रिश्वत मामले में बिहार सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें 27 अगस्त 2026 को कारागार भेजे जाने की तिथि से प्रभावी करते हुए अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 15 सितंबर 2026 को संकल्प जारी किया गया है।

सरकारी आदेश के अनुसार, निगरानी विभाग की रिपोर्ट में बताया गया है कि कंचन कुमारी झा को 27 अगस्त को परिवादी मनोज कुमार से भूमि विवाद निराकरण वाद संख्या 20/2026-27 में उनके पक्ष में फैसला सुनाने के एवज में दो लाख रुपये और वॉशिंग मशीन लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय कारा, मुजफ्फरपुर भेजा गया।

इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या 103/2026, दिनांक 25 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उनके सरकारी आवास की तलाशी भी ली गई थी। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में तलाशी के दौरान 13 लाख 82 हजार रुपये नकद बरामद होने का उल्लेख किया गया है।

मामला सामने आने के बाद निगरानी विभाग की कार्रवाई का दायरा भी बढ़ा था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कंचन कुमारी झा के बैंक खातों में भी रकम मिलने और खातों को फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, इन रकम के स्रोत और मामले से इनके संबंध को लेकर जांच एजेंसी की जांच महत्वपूर्ण है।

अब सामान्य प्रशासन विभाग ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 9(1)(क), 9(1)(ग) एवं 9(2) के तहत कंचन कुमारी झा को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमावली के नियम 10 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

सरकार के आदेश में यह भी कहा गया है कि संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाए और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाए। आदेश की प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी समस्तीपुर, जिला पदाधिकारी मुजफ्फरपुर, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो सहित संबंधित विभागों और अधिकारियों को भी भेजी गई है।

इस तरह 27 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद अब सामान्य प्रशासन विभाग ने औपचारिक रूप से निलंबन की कार्रवाई की है। मामले में निगरानी विभाग की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर अब नजर रहेगी।

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now