लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा
समस्तीपुर । प्रभारी सचिव, समस्तीपुर-सह-सचिव, भवन निर्माण विभाग प्रणव कुमार ने रविवार को जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ रसूलपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ की स्थिति, जलस्तर, प्रभावित आबादी तथा जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही राहत एवं बचाव सुविधाओं की जानकारी ली।
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। प्रभावित लोगों को समय पर भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही नाव, नाविक और गोताखोरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनका उपयोग करने का निर्देश दिया।
जलस्तर और तटबंधों पर रखें लगातार नजर
प्रभारी सचिव ने बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों एवं अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन राजेश सिंह को जलस्तर की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। जलस्तर में वृद्धि या कमी की स्थिति की नियमित जानकारी संबंधित अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाने और जरूरत के अनुसार त्वरित राहत-बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने तटबंधों एवं अन्य संवेदनशील स्थलों पर भी लगातार निगरानी रखने तथा कटाव की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
कंट्रोल रूम और DEOC से होगी निगरानी
अनुमंडल पदाधिकारी को अनुमंडल स्तर पर संचालित कंट्रोल रूम के माध्यम से बाढ़ की स्थिति पर सतत नजर रखने को कहा गया। वहीं जिला स्तर पर 24×7 कार्यरत जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी और सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
माइकिंग कर लोगों को किया जा रहा जागरूक
अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित एवं संभावित प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने, प्रशासन द्वारा जारी सावधानियों का पालन करने तथा आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की जानकारी दी जा रही है।
दवा और मेडिकल टीम की रहेगी तैयारी
प्रभारी सचिव ने सिविल सर्जन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जीवनरक्षक समेत अन्य आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीम की तैनाती का निर्देश दिया। संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी रखने को कहा गया।
वहीं पशुपालन पदाधिकारी को बाढ़ प्रभावित पशुपालकों के पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों तक चारा पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन एवं मानव बल तैयार रखें।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, बाढ़ प्रमंडल के पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।










