बरेली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास के बीच बरेली के सराय गांव में शनिवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। गांव में निकाली जा रही जन्माष्टमी शोभायात्रा के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगे साउंड सिस्टम का लोहे का पाइप कथित रूप से नीचे झूल रही हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया। पाइप के तार से छूते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली में करंट फैल गया। हादसे में ट्रैक्टर चालक और 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि साउंड सिस्टम संचालक बंटी गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद जन्माष्टमी की खुशियां मातम में बदल गईं और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
रात करीब आठ बजे निकाली जा रही थी शोभायात्रा
ग्रामीणों के मुताबिक, शनिवार रात करीब आठ बजे सराय गांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शोभायात्रा निकाली जा रही थी। गांव में त्योहार को लेकर उत्साह का माहौल था। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी झांकियां सजाई गई थीं और बड़ी संख्या में ग्रामीण शोभायात्रा में शामिल थे।
शोभायात्रा गांव के रास्ते से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगे साउंड सिस्टम का ऊंचा लोहे का पाइप रास्ते के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत लाइन काफी नीचे झूल रही थी।
पाइप छूते ही ट्रॉली में दौड़ा करंट
बताया जा रहा है कि लोहे का पाइप हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही तेज धमाका हुआ और ट्रैक्टर-ट्रॉली में करंट फैल गया। अचानक हुई घटना से शोभायात्रा में अफरा-तफरी मच गई। ट्रॉली पर मौजूद लोगों ने जान बचाने के लिए नीचे कूदना शुरू कर दिया।
कुछ ही पलों में उत्सव का माहौल चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया। हादसे में ट्रैक्टर चालक और करीब 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। वहीं साउंड सिस्टम संचालक बंटी गंभीर रूप से झुलस गया। घायल को उपचार के लिए बरेली भेजा गया।
हादसे के बाद गांव में पसरा मातम
घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। जिस गांव में कुछ देर पहले तक जन्माष्टमी के गीत और जयकारे सुनाई दे रहे थे, वहां हादसे के बाद मातम पसर गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही एसपी नॉर्थ मुकेश मिश्रा और सीओ डॉ. अरुण कुमार समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे के संबंध में ग्रामीणों से जानकारी जुटाई।
बिजली विभाग पर ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पूर्व प्रधान तिरमोहन सिंह का आरोप है कि हादसे वाली जगह पर हाईटेंशन लाइन काफी नीचे झूल रही थी। उनका कहना है कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कथित तौर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि शिकायत के बाद समय रहते लाइन को सुरक्षित ऊंचाई पर कर दिया जाता तो क्या इस हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे के लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में नीचे झूल रही अन्य विद्युत लाइनों की भी जांच कर उन्हें सुरक्षित कराने की मांग उठाई गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
जन्माष्टमी के दिन हुए इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। अब पुलिस-प्रशासन और बिजली विभाग की जांच पर ग्रामीणों की नजर है।






