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ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों में जगा आत्मविश्वास, जिला जज सत्य भूषण आर्य ने बढ़ाया हौसला—पुरस्कार और प्रमाण-पत्र से प्रतिभाओं को मिला सम्मान

ऑब्जर्वेशन होम, बांका में आयोजित मासिक निरीक्षण इस बार बच्चों के लिए केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके उत्साह, प्रतिभा और बेहतर भविष्य की उम्मीदों को नई ऊर्जा देने वाला अवसर बन गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बांका सत्य भूषण आर्य के नेतृत्व में निरीक्षण के दौरान बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रहन-सहन, सुरक्षा, पुनर्वास एवं उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली गई। इस दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शैलेंद्र कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सपना रानी तथा प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी, किशोर न्याय परिषद नीलम कुमारी भी मौजूद रहीं।
निरीक्षण के दौरान बच्चों से संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझने का प्रयास किया गया। खास बात यह रही कि बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया।
जिला बाल संरक्षण इकाई, बांका द्वारा “हर घर तिरंगा अभियान-2026” के तहत विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले बच्चों को Appreciation Award प्रदान किया गया। वहीं, ऑब्जर्वेशन होम में आयोजित Sikki Art Workshop में भाग लेने वाले बच्चों को प्रमाण-पत्र देकर उनकी कला और हुनर को सम्मान दिया गया। पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र का वितरण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य भूषण आर्य के कर-कमलों से किया गया।
इस मौके पर श्री आर्य ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें अनुशासन, शिक्षा, सकारात्मक सोच और अपने हुनर को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को यह संदेश दिया कि आज की परिस्थितियां उनके आने वाले कल की सीमा तय नहीं करतीं। मेहनत, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के बल पर हर बच्चा अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है।
जिला जज का यह संवेदनशील और प्रेरणादायक रवैया बच्चों के बीच खासा प्रभाव छोड़ता नजर आया। न्यायिक दायित्वों के साथ-साथ बच्चों के भविष्य और उनके आत्मविश्वास को लेकर दिखाई गई उनकी संवेदनशीलता निश्चित रूप से सराहनीय पहल कही जा सकती है।
पुरस्कार और प्रमाण-पत्र पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ नजर आया। यह पहल सिर्फ सम्मान देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि उन बच्चों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश है कि उनकी प्रतिभा देखी जा रही है, उनके प्रयासों की सराहना हो रही है और समाज उनके बेहतर भविष्य के लिए उनके साथ खड़ा है।
ऑब्जर्वेशन होम में हुआ यह मासिक निरीक्षण न्यायिक व्यवस्था की संवेदनशील सोच और बाल संरक्षण के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता की मिसाल बनकर सामने आया। बच्चों को दंड की भावना से नहीं, बल्कि सुधार, शिक्षा, हुनर और सम्मान के माध्यम से बेहतर भविष्य की ओर ले जाने का संदेश इस पूरे कार्यक्रम से स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मनोरंजन प्रसाद, ब्यूरो चीफ, बांका

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