अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
करतला//विकासखंड करतला के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मकुंदपुर के बांधईपारा मोहल्ला में पिछले तीन महीनों से सोलर आधारित पेयजल पंप बंद होने के कारण ग्रामीण गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। भीषण समस्या के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, मोहल्ले में स्थापित सोलर पंप लंबे समय से खराब पड़ा है। इस संबंध में उन्होंने क्रेडा विभाग को चार बार लिखित एवं मौखिक शिकायत देकर पंप की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन विभाग की ओर से न तो कोई तकनीकी टीम भेजी गई और न ही खराबी दूर करने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सोलर पंप बंद होने के बाद पूरे मोहल्ले के लोग पीने और घरेलू उपयोग के पानी के लिए दूर स्थित हैंडपंपों और अन्य जलस्रोतों पर निर्भर हो गए हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में भी सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं होने से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी गहरा रही हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान ग्राम सुखरीकला में आयोजित शिविर में भी इस समस्या की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्हें उम्मीद थी कि शासन की इस पहल के माध्यम से उनकी समस्या का शीघ्र समाधान होगा, लेकिन कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी सोलर पंप की मरम्मत नहीं कराई गई। इससे लोगों में प्रशासन और संबंधित विभाग के प्रति निराशा और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जाती तो उन्हें तीन महीने तक पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने अब तक मौके का निरीक्षण तक नहीं किया, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और क्रेडा विभाग से मांग की है कि बंद पड़े सोलर पंप को तत्काल चालू कराया जाए ताकि लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि शिकायतों के निराकरण के लिए समयबद्ध व्यवस्था लागू की जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज बुलंद करने के साथ-साथ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन करने के लिए भी मजबूर होंगे।
प्रमुख बिंदु
ग्राम पंचायत मकुंदपुर के बांधईपारा मोहल्ला का सोलर पंप पिछले तीन महीनों से बंद।
क्रेडा विभाग को चार बार शिकायत देने के बावजूद मरम्मत नहीं हुई।
सुशासन तिहार शिविर 2026 सुखरीकला में भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन समाधान नहीं मिला।
पेयजल संकट से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी।
ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और समयबद्ध समाधान की मांग की।
समाधान नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की चेतावनी।







