कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बजरंग दल को प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI से जोड़कर देखे जाने वाले बयान और कांग्रेस के कर्नाटक चुनावी घोषणापत्र से जुड़े विवाद ने कानूनी रूप ले लिया है।
मामला साल 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आया था। कांग्रेस के घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी। इसी को लेकर खड़गे समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई।
संगरूर की अदालत में दायर मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बजरंग दल की तुलना PFI जैसे प्रतिबंधित संगठन से करना आपत्तिजनक है। इसी मामले में अदालत ने मई 2023 में खड़गे को नोटिस जारी किया था और उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा किया गया था।
वहीं, जनवरी 2026 में मुंबई की एक अदालत ने भी इसी विवाद से जुड़े एक अलग मामले में पुलिस को शिकायत की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
ऐसे में खड़गे के खिलाफ कानूनी मामलों को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इसे सीधे तौर पर ‘वारंट जारी’ कहना सही नहीं होगा। मामले की मौजूदा कानूनी स्थिति की पुष्टि आधिकारिक अदालत रिकॉर्ड से करना जरूरी है।





