पूरी सड़क में गड्ढे, भारी वाहनों के अलावा कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों का आना-जाना
रायगढ़। लगातार बारिश ने कुछ सडक़ों पर हो रही तकलीफों को कई गुना बढ़ा दिया है। ऐसे कई मार्ग हैं, जिनके बारे में बातें बहुत होती हैं, काम बहुत कम। गेेरवानी से सराईपाली रोड का हाल भी ऐसा ही है। अब तो लोगों ने भी स्वीकार कर लिया है कि उनकी आवाज नहीं सुनी जाएगी। इसी जर्जर रोड पर ट्रेलरों के बीच से गुजरना ही उनकी नियति है। एक दिन की बारिश ने इस सडक़ ये गुजरना नर्क के समान बना दिया है। एक ही दिन की लगातार बारिश ने कई सडक़ों की पोल खोल दी है। बारिश के पहले गड्ढे तो थे लेकिन तकलीफ सहन हो जाती थी। बारिश के बाद तो हालात नारकीय हो चुके हैं। रायगढ़ घरघोड़ा हाईवे में गेरवानी से सराईपाली की ओर जाने वाली सडक़ पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। जिले में यह सबसे महत्वपूर्ण सडक़ है क्योंकि सबसे ज्यादा संख्या में प्लांट इसी रोड पर स्थित हैं। हर दिन सैकड़ों हाईवा, ट्रक, ट्रेलरों का आवागमन इस रोड से होता है। चौड़ाई बेहद कम होने की वजह से कई बार ट्रेलरों की चपेट में आकर लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस रोड पर स्थित गांवों में रहने वालों के लिए यही एकमात्र सडक़ है। रविवार दोपहर से सडक़ का हाल पहले से ज्यादा बेहाल हो गया। तीन-तीन फुट के गहरे गड्ढे में कीचड़ भर गया। दोनों ओर से ट्रेलरों की आवाजाही से दूसरे छोटे वाहनों के लिए जगह नहीं बच रही थी। कई हादसे होते-होते बचे हैं। इस रोड को चौड़ा करने की मांग बहुत पुरानी है। लेकिन सरकार तक लोगों की आवाज नहीं पहुंची है। जहां जरूरी, वहां नहीं बनेगी रोड रायगढ़ जिले में विकास कार्यों की मंजूरी के लिए हर बार सरकार का मुंह ताकना नहीं पड़ रहा है। डीएमएफ और सीएसआर से प्रशासन अनुमति दे रहा है। लेकिन जहां सडक़ की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहीं अनुमति नहीं मिल रही है। गेरवानी से सराईपाली रोड का निर्माण होने से सिर्फ उद्योग ही नहीं, कई गांवों को राहत मिलेगी। अफसोस की बात यह है कि सरकारी एजेंडा में यह सडक़ अत्यंत आवश्यक की श्रेणी में नहीं है। इसलिए जैसा है, वैसा चलता रहेगा।
अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट











