लखनऊ के अलीगंज में हुआ दर्दनाक अग्निकांड पूरे प्रदेश को झकझोर गया है। एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने 15 परिवारों के घरों के चिराग बुझा दिए। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, लेकिन हादसे की पूरी सच्चाई अब एसआईटी की जांच के बाद ही सामने आएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि छात्रों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जान बचाने के लिए कई छात्र इमारत की ऊपरी मंजिलों से नीचे कूद गए। हादसे में नौ लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक कई जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो चुकी थीं।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया। वहीं रक्षा मंत्री ने भी मौके का दौरा कर हालात का जायजा लिया और घटना पर गहरा दुख जताया।
सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन कर दिया है। एसआईटी को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा मानकों में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई और हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह मौजूद थे तो इतनी बड़ी त्रासदी कैसे हुई? क्या कोचिंग सेंटर में अग्निशमन व्यवस्था पर्याप्त थी? और क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे?
फिलहाल पूरा प्रदेश उन परिवारों के दुख में शामिल है जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया।
आग की चपेट चढ़ गए 15 घरों को चिराग! करियर बनाने की जगह क्यों बन रही है कत्लगाह….






