अयोध्या: राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। मंदिर के पूर्व अकाउंट प्रभारी ने दावा किया है कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे में अनियमितताओं की जानकारी उन्होंने अधिकारियों तक पहुंचाई थी, लेकिन कार्रवाई होने के बजाय उन्हें ही पद से हटा दिया गया।
पूर्व कर्मचारी का आरोप है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे के रिकॉर्ड में बड़ी गड़बड़ियां थीं। उनका कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिनमें चंपत राय का नाम भी शामिल है, तक पहुंचाई थी। शिकायत के बाद मामले की जांच करने के बजाय उन्हें जिम्मेदारियों से अलग कर दिया गया।
आरोपों में यह भी कहा गया है कि कुछ महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं हैं और उन्हें हटाए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
दूसरी ओर, मंदिर ट्रस्ट की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मंदिर के वित्तीय लेन-देन और चढ़ावे की गणना निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत की जाती है और सभी रिकॉर्ड का नियमित ऑडिट होता है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब राम मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। आरोपों के सार्वजनिक होने के बाद अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित पक्षों की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और क्या किसी स्वतंत्र जांच की मांग उठती है।
फिलहाल आरोप और जवाबी दावों के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार है। यदि मामले में कोई आधिकारिक जांच शुरू होती है, तो उससे जुड़े तथ्यों पर सभी की निगाहें रहेंगी।






