मध्य प्रदेश में कफ सिरप से हुई 14 बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है जांच में सामने आया की बच्चो की मौत Coldrif कफ सिरप पिने की वजा से हुई Coldrif कफ सिरप में खतरनाक डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया गया एक ऐसा रसायन जो आमतौर पर एंटी-फ्रीज और ब्रेक फ्लूइड में इस्तेमाल होता है और शरीर की किडनी को पूरी तरह नष्ट कर देता है। यह खुलासा होने के बाद प्रशासन और सरकार दोनों हरकत में आ गए हैं। तमिलनाडु के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है, वहीं पुलिस ने दवा लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की जांच में पता चला है की जिन बच्चों की मौत हुई, उन्हें डॉक्टर प्रवीण सोनी ने Coldrif सिरप प्रिस्क्राइब कर रहे थे। रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट की धारा 27(A) और बीएनएस की धाराएं 105 व 276 के तहत केस दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर जबलपुर कार्यालय में अटैच कर दिया है। और साथ ही, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने छह राज्यों में 19 दवा कंपनियों की जांच शुरू की है, जिनमें कफ सिरप और एंटीबायोटिक्स भी शामिल हैं। इस बीच एक और कफ सिरप Nextro-DS की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

बता दे की प्रशासन ने Coldrif और Nextro-DS दोनों की बिक्री पर रोक लगा दी है। और साथ ही जांच में पता चला है कि सितंबर में परासिया और आसपास के इलाकों में बच्चों को सर्दी-खांसी के इलाज के बाद बुखार, उल्टी और पेशाब बंद होने जैसी दिक्कतें होने लगीं। कई बच्चों की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। अब केंद्र से लेकर राज्य तक की जांच टीमें इस घटना की तह तक जाने में जुटी हैं, ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा न दोहराई जाए।
जिन मासूमों की जान गई:
दिव्यांश चंद्रवंशी (7 वर्ष) – डुड्डी
अदनान खान (5 वर्ष) – न्यूटन चिखली
हेतांश सोनी (5 वर्ष) – उमरेठ
उसैद (4 वर्ष) – परासिया
श्रेया यादव (18 माह) – परासिया
विकास यदुवंशी (4 वर्ष) – दीघावानी
योगिता विश्वकर्मा (5 वर्ष) – बोरिया
संध्या भोसोम (1.25 वर्ष) – परासिया
चंचलेश यदुवंशी – गायगोहान
योजिता ढाकरे (2 वर्ष) – बडकुही
साथ ही चार अन्य बच्चों की मौत की भी पुष्टि हुई है।
रिपोर्ट:- कनक चौहान






