कृषि और डेयरी क्षेत्र में इस समय उत्साह की लहर है। सरकार ने उर्वरक, जैव कीटनाशक, कृषि उपकरण और डेयरी उत्पादों पर जीएसटी दरों में कटौती की है, और इससे किसानों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। गोदरेज एग्रोवेट के सीईओ सुनील कटारिया का कहना है कि यह कदम ऐसे समय में “बड़ी राहत” लेकर आया है, जब अनियमित मौसम और बढ़ती इनपुट लागत किसानों के लिए चिंता का विषय बने हुए थे। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं के लिए भी यह अच्छी खबर है—अब पौष्टिक भोजन उनकी थाली में सस्ते दामों पर पहुंचेगा।
डेयरी उत्पादों पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत करने का फैसला विशेष रूप से आठ करोड़ डेयरी किसानों के लिए लाभकारी है। इससे न सिर्फ उनकी आय में सुधार होगा, बल्कि पशुपालन और चारे में निवेश बढ़ेगा। साथ ही, कृषि उपकरणों पर कटौती से मशीनरी सस्ती होगी और मशीनीकरण तेज़ी से बढ़ेगा। उद्योग जगत इसे “किसानों के लिए बड़ा दिवाली गिफ्ट” बता रहा है। ऐसे सुधार किसानों को सुरक्षित जैविक विकल्प अपनाने, फसल की गुणवत्ता बढ़ाने और दीर्घकालिक कृषि प्रदर्शन मजबूत करने में मदद करेंगे।






