पलामू में बुधवार को पुलिस और टीएसपीसी नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस गोलीबारी में दो बहादुर जवान शहीद हो गए और एक गंभीर रूप से घायल है। नक्सली संगठन के टॉप कमांडर शशिकांत गंझू की मौजूदगी की गुप्त सूचना पर पुलिस टीम सर्च ऑपरेशन चला रही थी। जैसे ही पुलिसकर्मी गंझू के घर के पास पहुंचे, करीब 100 मीटर दूर से नक्सलियों ने एके-47 से फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। करीब 15 मिनट तक चली इस गोलीबारी में संतन मेहता को 9 गोलियां लगीं, जबकि बॉडीगार्ड सुनील राम और जवान रोहित कुमार भी बुरी तरह घायल हो गए।
घायल जवानों को तुरंत पलामू एमएमसीएच ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने संतन मेहता और सुनील राम को शहीद घोषित कर दिया। जिस जगह यह मुठभेड़ हुई, वह शशिकांत गंझू का गढ़ माना जाता है, जहां वह लंबे समय से अपनी गतिविधियां संचालित करता रहा है। उस पर झारखंड सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। इस घटना के बाद एसपी रीष्मा रमेशन और डीआईजी नौशाद आलम मौके पर डटे हुए हैं और इलाके में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जवानों की शहादत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है और एक बार फिर नक्सल समस्या की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।






