सुप्रीम कोर्ट ने आज महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना अब संभव होगा। इसके लिए फॉर्म को फिजिकली जमा करना अनिवार्य नहीं है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में दिए गए 11 दस्तावेजों (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, पासबुक, पानी का बिल आदि) के अलावा आधार कार्ड को भी पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया जाएगा। यानी अब वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए आधार कार्ड को भी मान्य दस्तावेज माना जाएगा।
इसी बीच, सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश त्रिवेदी ने SIR की समयसीमा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने दलील दी कि “यह मुद्दा प्रासंगिक नहीं है, हमें चुनाव आयोग पर भरोसा रखना चाहिए। कुछ समय दीजिए ताकि हम बेहतर तस्वीर पेश कर सकें और साबित कर सकें कि किसी को भी बाहर नहीं किया गया है।”
हालांकि, अधिवक्ता ग्रोवर ने इसका विरोध किया और कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न रहे।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला चुनाव प्रक्रिया को और आसान व पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।






