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दुर्घटना के बाद रेल परिचालन बहाली की ताकत बनी 140 टन की ब्रेकडाउन क्रेन, मासिक लोड टेस्टिंग सफल

लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा

पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल में किसी बड़े रेल हादसे या डिरेलमेंट के बाद राहत एवं परिचालन बहाली को तेजी देने के लिए तैनात 140 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक Gottwald DHBD ब्रेकडाउन क्रेन की मासिक लोड टेस्टिंग गुरुवार को सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए गए इस परीक्षण में क्रेन की लिफ्टिंग क्षमता से लेकर उसकी प्रमुख कार्यप्रणालियों की जांच की गई। परीक्षण के बाद क्रेन को सुरक्षित एवं कार्य के लिए संतोषजनक पाया गया।

भारी लोकोमोटिव और कोच उठाने में सक्षम

समस्तीपुर मंडल की दुर्घटना राहत व्यवस्था में यह क्रेन बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किसी दुर्घटना या डिरेलमेंट की स्थिति में भारी लोकोमोटिव, कोच और अन्य रेल परिसंपत्तियों को उठाकर ट्रैक से हटाने तथा प्रभावित रेलखंड पर परिचालन बहाल करने में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

140 टन तक की क्षमता वाली इस क्रेन की खासियत इसकी मजबूती के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्था है, जो कठिन परिस्थितियों में भी राहत एवं बहाली कार्य को गति देने में मदद करती है।

सुरक्षा मानकों की भी हुई जांच

मासिक लोड टेस्टिंग के दौरान क्रेन की निर्धारित भार उठाने की क्षमता और प्रमुख तकनीकी कार्यप्रणालियों को मानकों के अनुरूप परखा गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपात स्थिति में क्रेन पूरी विश्वसनीयता और सुरक्षा के साथ काम कर सके।

क्रेन में आधुनिक हाइड्रोलिक सिस्टम, काउंटरवेट, प्रॉपिंग व्यवस्था और Safe Load Indicator (SLI) जैसी महत्वपूर्ण सुरक्षा सुविधाएं मौजूद हैं। ये व्यवस्थाएं भारी भार उठाने के दौरान क्रेन के सुरक्षित एवं नियंत्रित संचालन में अहम भूमिका निभाती हैं।

पटरियों पर खुद पहुंच सकती है दुर्घटनास्थल तक

इस ब्रेकडाउन क्रेन की एक बड़ी विशेषता यह है कि यह रेल पटरियों पर स्वयं चलकर दुर्घटनास्थल तक पहुंचने में सक्षम है। यही क्षमता इसे सामान्य क्रेन से अलग बनाती है और रेल दुर्घटनाओं के बाद तत्काल राहत कार्य शुरू करने में विशेष रूप से उपयोगी बनाती है।

दुर्घटना के बाद समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ट्रैक पर पलटे या क्षतिग्रस्त कोच-लोकोमोटिव को हटाने में जितनी तेजी होगी, उतनी ही जल्दी रेल परिचालन सामान्य किया जा सकेगा। ऐसे में 140 टन क्षमता वाली यह क्रेन और इसकी प्रशिक्षित टीम समस्तीपुर मंडल की त्वरित दुर्घटना राहत एवं रेल बहाली प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी है।

मासिक लोड टेस्टिंग के सफलतापूर्वक पूरा होने से आपात परिस्थितियों में इसके सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल को लेकर तैयारियों को मजबूती मिली है। हादसा होने की स्थिति में यह क्रेन रेल परिसंपत्तियों को हटाने के साथ-साथ बाधित रेल यातायात को कम से कम समय में सामान्य स्थिति में लाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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