Home / Updates / “आख़िर क्यों दी नेता के बेटे ने जान? जानिए, कौन है कसूरवार!”

“आख़िर क्यों दी नेता के बेटे ने जान? जानिए, कौन है कसूरवार!”

कमल… एक युवा, एक बेटा — और एक ऐसा चेहरा जो अब सिर्फ यादों में रह गया। भाजपा नेता विशन नगरकोटी के बेटे ने जहर खाकर अपनी जान ले ली। परिजनों का कहना है कि उसे स्थानीय पुलिस चौकी में एक सिपाही के कथित दुर्व्यवहार ने भीतर तक तोड़ दिया था। वे मानते हैं कि मानसिक आघात के चलते कमल ने यह बेहद दुखद कदम उठाया। उधर, कालाढूंगी थाना पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।

न्याय की आस में परिवार, तहरीर देकर कार्रवाई की मांग

कोटाबाग का शुक्रवार एक दुखद खबर लेकर आया — भाजपा नेता और पूर्व मंडल महामंत्री विशन नगरकोटी के 31 वर्षीय बेटे, कमल, की ज़हर खाने से मौत हो गई। परिवार अब सदमे में है। उनका कहना है कि बेटे ने यह कदम पुलिस की कथित अभद्रता और थप्पड़ से आहत होकर उठाया।
सयात गांव का रहने वाला कमल, जो पिता के साथ ठेकेदारी के काम में हाथ बंटाता था, रोज़ की तरह दोपहर में बाइक से निकला था। रास्ते में स्थानीय चौकी पर एक सिपाही ने उसे रोक लिया। परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के नाम पर न केवल उसके साथ बदसलूकी हुई, बल्कि सरेआम थप्पड़ भी मारा गया। यह अपमान शायद कमल के आत्मसम्मान को असहनीय लगा।


कुछ ही देर बाद, कमल ने कोटाबाग बाज़ार में ज़हरीला पदार्थ खा लिया। घरवालों को जैसे ही पता चला, उसे तुरंत बेस अस्पताल ले जाया गया और वहां से सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया। लेकिन तक़दीर ने साथ नहीं दिया — रात करीब 10 बजे, अस्पताल पहुंचने से पहले ही कमल ने दम तोड़ दिया।
परिजन बताते हैं कि आख़िरी समय में उसने अपनी मां को फोन कर पूरी बात बताई थी। एक साल पहले ही कमल की शादी हुई थी और उसका बड़ा भाई भारतीय सेना में तैनात है।
अब परिवार न्याय की आस में है। उनका कहना है कि वे दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर तहरीर देंगे।
इस बीच, कालाढूंगी थाने के प्रभारी विजय मेहता ने बताया कि युवक की मौत ज़हर खाने से हुई है, लेकिन सिपाही द्वारा मारपीट की कोई पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि युवक के नशे की आदत के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Tagged:
[post-views]
Share
Now