अमेरिका और ईरान के बीच जंग एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। 2 सितंबर को दोनों देशों के बीच जुलाई के बाद सबसे बड़ा सैन्य टकराव हुआ। अमेरिका ने ईरान के सैन्य और समुद्री ठिकानों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
तनाव के बीच तेहरान की ओर से अमेरिका को कड़े जवाब की चेतावनी दी गई है। ईरान ने संकेत दिया है कि वह अपनी रणनीति बदलकर अमेरिकी दबाव का मुकाबला करेगा। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई के लिए तैयार है।
इस टकराव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर भी चिंता गहराई है।
अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव बातचीत की ओर जाता है या संघर्ष और ज्यादा व्यापक होता है।






