मेरठ में छात्रा हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन ने उस समय उग्र रूप ले लिया, जब प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक चले जाम के बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसी दौरान एसएसपी द्वारा एक एआईएमआईएम नेता और अधिवक्ता को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया।
मेरठ के रोहटा क्षेत्र की बीए छात्रा की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार और समर्थक बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी, कुछ अन्य लोगों पर कार्रवाई और जांच में लापरवाही के आरोपों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर धरना दे दिया, जिससे करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन ने कई दौर की बातचीत की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब एसएसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की गई, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया। इस दौरान भगदड़ मच गई और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
घटना का सबसे चर्चित पहलू वह वीडियो बना, जिसमें एसएसपी बंदी वाहन के अंदर एआईएमआईएम नेता और अधिवक्ता रवि गौतम को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गईं। विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
मेरठ एसएसपी का कहना है कि कुछ लोगों ने भीड़ को भड़काकर सड़क जाम कराया। पुलिस के मुताबिक कई दौर की समझाइश के बाद भी जब प्रदर्शन खत्म नहीं हुआ, तब न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए लोगों को हटाया गया और कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।





