बरेली। तहसील फरीदपुर के ग्राम बिलौआ ता. नगरिया स्थित श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर की कृषि भूमि के कथित अवैध विक्रय और उससे प्राप्त धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इस संबंध में शिकायत महंत प्रमोद पुरी नागा बाबा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में महंत प्रमोद पुरी नागा बाबा ने आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिलौआ स्थित गाटा संख्या 277 सहित कुल आठ गाटा संख्याओं में लगभग 119 बीघा कृषि भूमि राजस्व अभिलेखों में श्री पृथ्वीनाथ महादेव के नाम दर्ज है। मंदिर के सरवराकार सुशील कुमार गिरी पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से लेखपाल से मिलीभगत कर गाटा संख्या 277 आदि में आधी भूमि अपने नाम दर्ज करा ली, जबकि वे केवल सरवराकार हैं और उन्हें मंदिर की भूमि बेचने या हस्तांतरित करने का कोई अधिकार नहीं है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मंदिर की कुछ कृषि भूमि ईंट-भट्ठा संचालकों को उपयोग के लिए दी गई है, जबकि कुछ भूमि ग्रामीणों से धन लेकर आवासीय उपयोग के लिए दे दी गई है। आरोप है कि कई स्थानों पर मकानों का निर्माण भी हो चुका है, जिससे मंदिर की संपत्ति लगातार कम होती जा रही है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि भूमि से प्राप्त धनराशि मंदिर के विकास और रखरखाव पर खर्च न कर व्यक्तिगत एवं पारिवारिक उपयोग में लाई जा रही है। मंदिर की स्थिति जर्जर बनी हुई है और उसके जीर्णोद्धार पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
शिकायत कर्ता महंत प्रमोद गिरी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मंदिर की भूमि के कथित अवैध विक्रय और टुकड़ों में बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित सरवराकार के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंदिर की 119 बीघा कृषि भूमि को अवैध विक्रय का आरोप, जिलाधिकारी से जांच और कार्रवाई की मांग






