Home / News / ट्रंप परिवार ने क्रिप्टो से कमाए 2.3 अरब डॉलर, निवेशकों को हुआ भारी नुकसान

ट्रंप परिवार ने क्रिप्टो से कमाए 2.3 अरब डॉलर, निवेशकों को हुआ भारी नुकसान

दुनिया में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक नई जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और उनके परिवार ने अपने क्रिप्टो कारोबार से करीब 2.3 अरब डॉलर की कमाई की, जबकि लाखों निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। आखिर कैसे बना यह क्रिप्टो साम्राज्य और क्यों डूब गई आम निवेशकों की पूंजी? देखिए यह खास रिपोर्ट।

रॉयटर्स की जांच के मुताबिक, ट्रंप परिवार ने 2024 के बाद शुरू हुए चार बड़े क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स से करीब 2.3 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया। इनमें World Liberty Financial, $TRUMP मेम कॉइन, AI Financial Corp. और American Bitcoin शामिल हैं। रिपोर्ट का दावा है कि इन प्रोजेक्ट्स में ट्रंप परिवार ने बहुत कम या लगभग शून्य व्यक्तिगत निवेश किया, लेकिन ब्रांड और राजनीतिक प्रभाव के दम पर बड़ी कमाई कर ली।

सबसे ज्यादा कमाई World Liberty Financial से हुई। रिपोर्ट के अनुसार, टोकन बिक्री और हिस्सेदारी के जरिए ट्रंप परिवार को 1.4 अरब डॉलर से अधिक का फायदा हुआ। वहीं $TRUMP मेम कॉइन से करीब 616 मिलियन डॉलर की कमाई बताई गई है।

लेकिन कहानी का दूसरा पहलू कहीं ज्यादा चौंकाने वाला है। जांच में कहा गया है कि इन प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाने वाले निवेशकों को लगभग उतना ही नुकसान हुआ जितना ट्रंप परिवार ने कमाया। अकेले $TRUMP कॉइन से जुड़े लाखों निवेशकों को सैकड़ों मिलियन डॉलर का घाटा हुआ, जबकि कई टोकन अपनी ऊंची कीमत से 90 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए।

ट्रंप परिवार की अनुमानित कमाई: 2.3 अरब डॉलर
निवेशकों का अनुमानित नुकसान: 2.3 अरब डॉलर
World Liberty Financial से सबसे बड़ा लाभ
$TRUMP कॉइन में भारी गिरावट

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मॉडल ऐसा था जिसमें ट्रंप परिवार का जोखिम बेहद कम था, लेकिन आम निवेशकों ने बाजार के उतार-चढ़ाव का पूरा बोझ उठाया। हालांकि अब तक किसी गैरकानूनी गतिविधि का ठोस सबूत सामने नहीं आया है, लेकिन हितों के टकराव और नैतिक सवाल लगातार उठ रहे हैं।

क्रिप्टो बाजार में बड़े नामों और राजनीतिक प्रभाव का आकर्षण निवेशकों को तेजी से खींचता है। लेकिन ट्रंप परिवार के क्रिप्टो साम्राज्य की यह कहानी एक बार फिर याद दिलाती है कि चमकदार प्रचार और ऊंचे वादों के पीछे जोखिम कितना बड़ा हो सकता है। सवाल यह है कि क्या भविष्य में ऐसे मामलों पर कड़े नियम बनेंगे, या फिर निवेशकों का पैसा इसी तरह दांव पर लगता रहेगा?

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now