Thu. Jun 24th, 2021

Express News Live

ज़िद !! सच दिखने की

इस बार AMU पर कोरोना ने बरपाया कहर- बीते दो हफ्तों में 19 प्रोफेसर व चेयरमैन को कोरोना ने बनाया अपना निवाला…

तालीम के इदारे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर कोरोना की दूसरी लहर काल बनकर आई है। बीते 20 दिनों में 19 प्रोफसरों की मौत हो कोरोना व अन्य बीमारियों से मौत हो चुकी है। वहीं प्रोफेसर के अलावा एएमयू कर्मचारी व रिटायर्ड कर्मचारियों के मरने वालों की संख्या 40 के पार पहुंच गई है।

एएमयू के लिए कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। शिक्षाविद् सर सैयद अहमद खान ने 1875 में मोहम्मद एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना की थी। जो 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बन गया। स्थापना के सन 1920 से लेकर आज तक एएमयू में इतना चिंताजनक दौर कभी नहीं आया, जब इतनी संख्या में वर्तमान प्रोफेसर, सेवानिवृत्त प्रोफेसर और अन्य कर्मचारियों का निधन हुआ हो।

एएमयू की इंतजामिया इस पर चिंता में है और साथ ही साथ एएमयू में शोक व्याप्त है। लगभग रोजाना ही एएमयू इंतजामिया किसी न किसी प्रोफेसर, रिटायर्ड प्रोफेसर व अन्य स्टाफ के निधन पर शोक व्यक्त कर रहा है। बीते 20 दिनों में अब तक एएमयू के 19 प्रोफेसरों का निधन हो चुका है। इनमें सेवानिवृत्त प्रोफेसर व अन्य कर्मचारी शामिल नहीं हैं। ऐसे लोगों को जोड़कर मरने वालों की संख्या 40 से अधिक बताई जा रही है।

एएमयू वीसी ने भाई को ‌वैश्विक महामारी में खोया
एएमयू के वीसी प्रो. तारिक मंसूर भी इस वैश्विक कोरोना महामारी में अपने भाई अहमद कमर फारुख को खो चुके हैं। उनके भाई ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से ही अपनी तालीम पूरी की थी। 1992 में बतौर यूनिवर्सिटी रिप्रजेंटेटिव ऑल इंडिया मुस्लिम एजुकेशन कान्फ्रेंस को लीड किया था। साथ ही वह ऑल इंडिया मुस्लिम एजुकेशन कमेटी के एक्जुकेटिव मेंबर भी रहे थे।

ऋग्वेद में पीएचडी करने वाले प्रोफेसर को भी खोया
एएमयू की हस्तियों में शामिल कई नाम अब इस दुनिया में नहीं रहे। इसमें से ही एक थे संस्कृत विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. खालिद बिन यूसुफ। उनका भी बीते दिनों कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो चुका है। प्रो. खालिद ने ऋग्वेद में पीएचडी की थी। रियलिटी शो इंडियाज गाट टैलेंट में इनकी इनकी दोनों बेटियां इला और इब्रा भी अलीगढ़ का नाम रोशन कर चुकीं है।

इन प्रोफेसरों की हुई मौत
– एएमयू के लॉ फैकल्टी के डीन प्रो. शकील समदानी
– पूर्व प्राक्टर प्रो. जमशेद, सिद्ददीकी
– सुन्नी थियोलोजी डिपार्टमेंट के प्रो. एहसानउल्लाह फहद
– उर्दू विभाग के प्रो. मौलाना बख्श अंसारी
– पोस्ट हार्वेस्टिंग इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. मो. अली खान
– राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रो. काजी,मोहम्‍मद जमशेद
– मोलीजात विभाग के चेयरमैन प्रो. मो. यूनुस सिद्ददीकी
– इलमुल अदविया विभाग के चेयरमैन गुफराम अहमद
– मनोविज्ञान विभाग के चेयरमैन प्रो. साजिद अली खान
– म्यूजियोलोजी विभाग के चेयरमैन डॉ. मोहम्मद इरफान
– सेंटर फोर वीमेंस स्टडीज के डॉ. अजीज फैसल
– यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के मोहम्मद सैयदुज्जमान
– इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर जिबरैल
– संस्कृत विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. खालिद बिन यूसुफ
– अंग्रेजी विभाग के डॉ. मोहम्मद यूसुफ अंसारी

एएमयू के लिए यह बेहद दु:खद समय है। बीते 20 दिनों में करीब 19 प्रोफेसर व अन्य का निधन हो चुका है। लगभग रोजाना ही दुखद खबरें प्राप्त हो रही हैं। – शाफे किदवई, प्रवक्ता, एएमयू

Share
Now