राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देश पर जिलाध्यक्ष पवन शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि समर्पित अवकाश के भुगतान के साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीपीएफ, एसआई, ग्रेच्युटी और पीएल सहित अन्य लंबित भुगतान शीघ्र करवाने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि महीनों से भुगतान नहीं होने से कर्मचारी आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर समस्या के प्रति उदासीन है। उन्होंने कहा कि लंबित देयकों का तत्काल भुगतान कर कर्मचारियों को राहत दी जानी चाहिए। पिछले एक वर्ष से कर्मचारियों को एरियर, सरेंडर और सबसे महत्वपूर्ण मासिक वेतन के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार आ रही इन अनियमितताओं के कारण कर्मचारियों की बैंक किस्तें बाउंस हो रही हैं और घर-परिवार चलाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक संकट व मानसिक पीड़ा से जूझना पड़ रहा है। महासंघ एकीकृत के जिलाध्यक्ष पवन शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज, झालावाड़ एवं इससे संबद्ध चिकित्सालयों में कार्यरत चिकित्सक, राजकीय कैडर के नर्सेज, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को विगत दो माह से वेतन का भुगतान नहीं होने तथा एरियर की राशि लंबित रहने के कारण गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महासंघ एकीकृत ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस वेतन समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आगामी दिनों में कड़े विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
ज्ञापन सोपने के दौरान भंवर सिंह राजावत जिला अध्यक्ष पेंशनर समाज नंदलाल वर्मा संयुक्त महामंत्री, पेंशनर समाज, गिरिराज सुमन अध्यक्ष विभागीय समिति वन विभाग झालावाड़ मेडिकल कॉलेज अध्यक्ष लोकेश मीणा ,राधेश्याम पाटीदार, अरुण श्रृंगी, नर्सेज संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष मनोज मीणा, हीरालाल सुमन तकनीशियन, डॉ. हेमराज मीना, डॉ. पुनीत गुप्ता,डॉ पुरुषोत्तम, एन टी आई के जिलाध्यक्ष ललित गुर्जर, महेश गौड़, चंचल सिंह, लक्ष्मीनारायण लोधा, अरविंद, कमल सेन, सहित अन्य सभी कैडर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दीपावली से पहले बोनस, बकाया भुगतान की मांग
महासंघ एकीकृत ने मांग की है कि दीपावली के त्योहार को देखते हुए पात्र राज्य कर्मचारियों को बोनस का भुगतान समय पर नगद किया जाए, ताकि कर्मचारी और उनके परिवार सम्मानपूर्वक त्योहार मना सकें। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के समस्त लंबित परिलाभों का भुगतान तत्काल किया जाए तथा कर्मचारियों के बकाया भुगतान को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाली व्यवस्था में सुधार किया जाए। त्योहारों के अवसर पर कर्मचारियों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। जब कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं, तो सरकार की भी जिम्मेदारी है कि उनके आर्थिक हितों और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करे।
25 सूत्रीय मांगपत्र के निराकरण की मांग
संविदा कर्मचारी, निविदा कर्मचारी, ठेका कर्मचारी, जनता जल योजना के श्रमिक तथा आंगनबाड़ी कर्मचारियों की जायज मांगों पर केवल आश्वासन देने के बजाय सरकार को ठोस निर्णय लेकर उन्हें धरातल पर लागू करना चाहिए। महासंघ एकीकृत ने इन सभी वर्गों की समस्याओं, सेवा सुरक्षा, आर्थिक हितों और लंबित मांगों को लेकर 25 सुत्रीय मांग पत्र का निराकरण कर पूरा करने की मांग की गई।







