बच्चों का सुरक्षित बचपन, उनके अधिकारों की रक्षा और शोषण मुक्त समाज का निर्माण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), बांका के तत्वावधान में मंगलवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’ (My Childhood, My Rights) थीम पर व्यापक विधिक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के माध्यम से छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों, बाल शोषण से बचाव तथा जरूरत पड़ने पर निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के उपायों की जानकारी दी गई।
बांका के एस.के.पी. स्कूल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रणव कुमार ने छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए बाल अधिकारों और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने तथा जरूरत पड़ने पर उचित कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act), विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका, नालसा की विभिन्न योजनाओं, टोल-फ्री विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 तथा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के पॉक्सो ई-बॉक्स के बारे में भी विस्तार से बताया गया। बच्चों को समझाया गया कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए कानून मौजूद हैं और किसी भी कठिन परिस्थिति में उन्हें चुप रहने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति अथवा संबंधित प्राधिकरण से सहायता लेनी चाहिए।
इस अवसर पर पैनल अधिवक्ता सुबोध मोदी, अभय प्रसाद तिवारी, बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य विवेकानंद सिंह, राजीव कुमार, राहुल रंजन तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक बंजुल कुमार पाण्डेय सहित शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जिले के विभिन्न विद्यालयों तक पहुंचा जागरूकता अभियान
इस अभियान को व्यापक स्वरूप देते हुए जिले के कई विद्यालयों में एक साथ विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें एस.के.पी. स्कूल बांका, प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल चांदन, हरिहर चौधरी हाई स्कूल बाराहाट, सूर्य नारायण सिंह हाई स्कूल मोहनपुर, नव प्राथमिक विद्यालय सुग्गीवरण चांदन, मिडिल स्कूल लटवा बेलहर, प्रोन्नत मध्य विद्यालय लहरनियां चांदन, द ग्रेट लर्निंग स्कूल चलना धोरैया, राजकीय उच्च विद्यालय रजौन, प्राथमिक विद्यालय सलैया, आदर्श बालिका उच्च विद्यालय अमरपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय ब्रह्मपुर बौंसी तथा गांधी नवल उच्च विद्यालय पिपरा भगवतचक, शंभुगंज शामिल रहे।
इन विद्यालयों में पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा लीगल वॉलिंटियर्स (PLV) ने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें बाल अधिकारों, बाल शोषण की पहचान, उससे बचाव के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी।
सुरक्षित बचपन और जागरूक समाज की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांका की यह पहल बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में कानूनी समझ विकसित करने के साथ-साथ शिक्षकों और विद्यालयों की भूमिका को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी बच्चे के साथ होने वाले अन्याय, शोषण या अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
मेरा बचपन, मेरा अधिकार’ का संदेश स्पष्ट है—हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, सम्मान, संरक्षण और न्याय पाने का अधिकार है। बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देना ही उन्हें सशक्त बनाने और बाल-अनुकूल समाज के निर्माण की पहली सीढ़ी है। मनोरंजन प्रसाद, ब्यूरो चीफ, बांका।





