Home / News / सतनाम-सनातन मानने वालों को गोंडसेवादी सोच से सतर्क रहना होगा

सतनाम-सनातन मानने वालों को गोंडसेवादी सोच से सतर्क रहना होगा

अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
सतनाम और सनातन को मानने वाले सर्वसमाज को उन महात्मा गांधी के हत्यारे गोंडसेवादियों से सावधान रहना होगा जो रावण की तरह भगवा चोला पहनकर जयश्रीराम का नारा लगाकर सीता माता को चुरा लेते है,
गोपाल ऋषिकर भारती
कोरबा//राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत के घटक संगठन मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा एवं सिद्धार्थ लोक कल्याण समिति द्वारा बालको नगर कार्यालय प्रांगण में छत्तीसगढ़ के महान संत गुरु घासीदास की पावन जयंती को संविधान सुरक्षा सत्संग के रूप में दिनांक 18/12/2025 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष गोपाल ऋषिकर भारती ने की।कार्यक्रम में सर्वप्रथम बाबा गुरु घासीदास जी के साथ तथागत बुद्ध और बाबा साहब अंबेडकर के छाया चित्रों पर माल्यार्पण और केंडिल जलाकर स्वागत किया गया तत्पश्चात उपस्थितों को चाय नाश्ता मिठाइयां वितरित की गई।सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता गोपाल भारती ने गुरु घासीदास जी की पावन जयंती पर छत्तीसगढ़ सहित सभी भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दिए।आगे कहा कि गुरु घासीदास जी ने 260 वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ में जन्म लेकर छत्तीसगढ़ ही नहीं तो पूरे भारत वर्ष में जातिभेद और पाखंडवाद के खिलाफ सतनाम एक आत्मदर्शन की आध्यात्मिक क्रांति की।गुरुजी ने धर्म और मंदिरों की आड़ लेकर जातिभेद ,लिंगभेद और छुआछूत फैलाने वाले पाखंडियों को ललकार कर मंदिरवा म का करे जयबो अपन घट के ही देव ला मनईबो जैसे कड़े दार्शनिक विचार देकर सर्वसमाज को मनखे मनखे एक समान का संदेश दिया।सैकड़ों हजारों वर्षों से भारत देश में चलने वाले जातिवाद ,लिंगभेद , छुआछूत के कारण ही भारत देश मुट्ठी भर विदेशी यूरेशियनों मुगलों और अंग्रेजों का हजारों वर्षों तक गुलाम और लाचार बना रहा।भारत मे 200 वर्षों के अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ भारतवासी मूलनिवासी समाज द्वारा आजादी की कठिन लड़ाई की जीत हमारे संतों महापुरुषों की सतनाम और सनातन बौद्ध धम्म की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक बुनियाद पर ही महात्मा गांधी के मुख्य नेतृत्व में भारत को मिली।किंतु जिस गांधीजी को भारत राष्ट्र का नवनिर्माण करना था उसी रामभक्त गांधी को केवल अपने से नीच तीसरे दर्जे का वैश्य समुदाय का होने के वर्णभेद के कारण अस्तीन का सांप बनकर एक आतंकवादी ब्राह्मण नाथूराम गोंडसे ने जय श्रीराम का नारा लगाकर जघन्य हत्या कर दिया।आज भारत देश को यही गोंडसेवादी ताकतें भारत की लोकतांत्रिक सर्वोच्च सत्ता को तालिबानियों के साथ मिलकर हाइजैक कर लेने पर आमादा दिखाई पड़ती है।यही कारण भारत देश में पुनः चारों तरफ हिन्दू मुस्लिम,जाती, पाती ,नारी पुरुष ,अमीर गरीब के बीच खूनी लड़ाइयां भारत देश को अराजकता की ओर तथा जिंदगी की तलाश में मौत के करीब पहुंचने के कगार पर दिखाई पड़ती है।कोरबा जैसे शहर में हाल ही में एक तांत्रिक और उनके कुछ साथियों ने मिलकर हिन्दू धर्म और उनके देवताओं की शक्ति के चमत्कार करने का झांसा देकर 5 लाख रुपयों को 2.5 या 50 करोड़ रुपए बना देने का लालच देकर 3 जाने माने लोगों की जघन्य हत्या करवा दिए।आज सारे भारत में धर्म के नाम पर यही सब होते दिख रहा है।इसीलिए सर्व समाज के महान संतों ,महापुरुषों,और वैज्ञानिक देवी देवताओं की पवित्र वाणी और आदेशों को संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर ने भारत के संविधान में कानून का रूप दे दिया है। भारत का संविधान दुनिया का महानतम संविधान होकर विश्वगुरु बनते जा रहा है।इतना ही नहीं तो भगवान की मानने वालों के लिए भारत ही नहीं तो सारी दुनिया का आखिरी भगवान बनता जा रहा है। भारत के संविधान में सारे धर्मों के वेद,पुराण,गीता,महाभारत,कुरान, बाईबल,गुरु ग्रन्थ साहेब त्रिपिटक जैसे धर्म ग्रंथों का सार तत्व समाहित है।इसके अलावा दुनिया के संविधानों और वैज्ञानिकों के ज्ञान विज्ञान का सार तत्व को कानून बना दिया है।अब हम सबको अब सावधान रहने की जरूरत है कि हमारे ही भारतवासी , मूलनिवासियों के देश में कांग्रेस के शासनकाल में गांधीवाद की खाल ओढ़कर सपोले से जहरीले सांप बन चुके ये गोंडसेवादी आतंकी तत्व हमारे भारत देश के मूलनिवासी ब्राह्मण समाज और अन्य हिन्दू मुस्लिम ,सिक्ख ,ईसाई ,बौद्ध, आदि समाज के बीच में ऊंच नीच , जाती पाती के दंगे फैलाकर घमंडी रावण की तरह भगवा चोला पहनकर जयश्रीराम का नारा लगाकर सीता माता को चुराने या गांधी जैसे रामभक्तो की जघन्य हत्याएं करने से या बलात्कारी आसाराम जैसे फर्जी संत बनकर महिलाओं पर बलात्कार करने या राम भद्राचार्य जैसे पाखंडी शंकराचार्य बनकर खुलेआम महिलाओं को मौज मस्ती करने का उपकरण बताकर अपमान करने से नहीं डरते।छत्तीसगढ़ में ही एक कथावाचक ने पूरे सतनामी समुदाय को ही कलंकित करने वाला प्रवचन किया था।दूसरी तरफ साहू समाज की एक कथावाचक को नीच जात बताकर मुजरा करने जैसी धमकियां दी गई।ये कौन लोग हैं भाई क्या इनकी संविधान विरोधी समानांतर सरकारें चलाने की साजिशे नहीं तो क्या है ? बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने तो हद ही पार कर दिया कि एक मुस्लिम महिला डॉक्टर को नियुक्ति के बहाने उसके मुंह से हिजाब को ही चेहरा देखने की हवस में खुद ही खींच दिया।क्या ये मुस्लिम द्रौपदी के मजहब और सम्मान का चीर हरण जैसा नहीं तो क्या है?अब लोगों को बिना वक्त गवाए भारत राष्ट्र,भारत के संविधान और मानवाधिकारों के रक्षा के लिए राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत द्वारा छेड़े गए दूसरे महाभारत संग्राम जो कि सत्य ,अहिंसा और सदाचार के संवैधानिक मूल्यों पर लड़ा जाएगा उसमें बच्चे,जवान,बूढ़े सभी शामिल होकर 4000 वर्षों की जातीयपूंजीवाद की गुलामी को 4 वर्षों में समाप्त करने का संकल्प लें ताकि समाज के हर वर्ग और व्यक्ति तक इज्जत और आजादी का सुख प्राप्त हो सके।हमने इन गोंडसे वादी पाखंडियों की समानांतर सरकारों के खिलाफ दिल्ली जंतर मंतर पर 45 सूत्रीय मांगो को लेकर आंदोलन के साथ 26/11/2025 से जनता जनार्दन की छाया सरकार बनाकर कड़ा मुकाबला करने का ऐलान किया है।आज हम छत्तीसगढ़ में भी जनता जनार्दन की छाया सरकार को 6 माह के अंदर गठित करने की घोषणा करते हैं।यह छाया सरकार समानांतर ना होकर वर्तमान स्थापित सरकार और विपक्ष दोनों के अच्छे कार्यों का समर्थन और साथ देगी तथा गलत कार्यों का विरोध और बहिष्कार करेगी।छाया का मतलब ही जनता का नैतिक प्रभाव और दबाव बनाए रखना होगा।कार्यक्रम को केंद्रीय प्रतिनिधि निरंजन प्रधान,जिला संयोजक क्रांति कुमार साव,जिला उपाध्यक्ष प्यारेदास महंत,संभागीय अध्यक्ष वासुदेव साहु ,संभागीय संगठन सचिव निर्मल कसार,बालको महिला अध्यक्ष गायत्री साहू ,महासचिव शीतला साहू,जिला सचिव बलजीत कौर,कोषाध्यक्ष संगीत साहू,संभागीय महिला सचिव सूरज मन्नेवार,जिला उपाध्यक्ष उमेदा साहू,रूपनारायण कंवर,सरसती सारथी,दीपिका यादव,शांति गुप्ता,सरिता सूर्यवंशी ,आशा डोंगरे,रामबाई मानिकपुरी, के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित होकर सभी ने गुरु घासीदास जी के जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेकर भारत के संविधान के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

Tagged:
[post-views]
Share
Now