अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
तौलीपाली, कलगामार, मदवानी और कोलगा-बताती कोल ब्लॉक नीलामी के विरोध में 13 गांव के ग्रामीण लामबंद
सभी कोल ब्लॉक निरस्त किया जावे
कोरबा//तौलीपाली, कलगामार, मदवानी और कोलगा-बताती कोल ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया के विरोध में 13 गांवों के ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र के कलगामार गांव में आयोजित विशाल आमसभा में सैकड़ों ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर कोल ब्लॉक नीलामी का पुरजोर विरोध किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तौलीपाली कलगामार, मदवानी और कोलगा-बताती कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि ये चारों कोल ब्लॉक घने जंगल, जैव विविधता और आदिवासी जीवन का आधार हैं। नए कोल ब्लाँक नीलामी होने से जल, जंगल, जमीन और आजीविका पर संकट आ जाएगा।
आमसभा में 13 ग्राम पंचायतों – तौलीपाली, कलगामार, मदवानी, कोलगा, बताती, चंपा, चोरभट्ठी,तराईमार,धोबनीमार अन्य गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। सभा में पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि बिना ग्राम सभा की सहमति के किसी भी तरह की नीलामी प्रक्रिया अवैध है।
ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि केंद्र और राज्य सरकार तत्काल चारों कोल ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया निरस्त करे।सभी गांवों में अध्यक्ष एवम सचिव का गठन किया गया। ग्राम सभाओं के अधिकारों का सम्मान किया जाए।
सभा को संबोधित करते हुए स्थानीय बुजुर्गों और महिला ने कहा कि जल जंगल जमीन हमारा है।जिसे हम दूसरे के हाथों में नही जाने देंगे,कोल ब्लॉक खुलने से अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि नीलामी वापस नहीं ली गई तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे सभा के अंत में सभी ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे आखिरी सांस तक जल जंगल और जमीन की रक्षा करेंगे।






