सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से आने वाले ओवरलोड खनन वाहनों की लगातार आवाजाही को लेकर एक शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जिले में निर्धारित चेक पोस्टों के बावजूद भारी मात्रा में खनन सामग्री से लदे वाहन नियमों की अनदेखी करते हुए सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे राजस्व हानि के साथ-साथ सड़क सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो रहा है। शिकायत में कहा गया है कि रात्रि लगभग 1:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 बजे तक
बेहट मार्ग और अन्य प्रमुख रास्तों पर खनन विभाग, परिवहन विभाग तथा पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ओवरलोड वाहन आसानी से गुजरते देखे जा सकते हैं। आरोप है कि कई वाहन निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक खनन सामग्री लेकर सहारनपुर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं से होकर आने वाले वाहनों में बजरी, बदरपुर, पत्थर और अन्य खनन सामग्री बड़े पैमाने पर लाई जा रही है। दावा किया गया है कि कुछ ट्रकों में लगभग 54.8 मीट्रिक टन तक सामग्री लदी होती है, जबकि कई वाहन निर्धारित मानकों से अधिक भार लेकर संचालित हो रहे हैं। शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहन जिले में प्रवेश करते हैं, जिससे सरकार को राजस्व की हानि होने की आशंका है। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, खनन विभाग और पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार रोजाना लाखों रूपए का सरकार को चूना लगाया जा रहा है। कुछ गाड़ियां फतेहपुर से होते हुए छुटमलपुर के रास्ते उत्तराखंड में भी जाती हैं। सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन 150 रूपए प्रति घन मीटर खनन विभाग तथा 25 रूपए प्रति घन मीटर राजस्व विभाग पर जाता है। शिकायतकर्ता के अनुसार प्रतिदिन 200 गाड़ियां सहारनपुर में प्रवेश करती हैं तथा 5 हजार घनमीटर खनिज हिमाचल व हरियाणा से आता है। इस पूरे मामले सरकार को प्रतिदिन साढ़े सात लाख रूपए के राजस्व की हानि हो रही है। चेक पोस्टों पर निगरानी बढ़ाने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की अपील की गई है।
रिपोर्ट Naim.sagar






