उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दिल्ली को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब सड़क किनारे दीवार पर आपत्तिजनक और भड़काऊ नारा लिखा मिला। दीवार पर लिखा था – “मुसलमानों के लिए रोड नहीं।” इस घटना के सामने आते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया।जानकारी के मुताबिक यह नारा हिंदू रक्षा दल से जुड़े पदाधिकारी के बयान के बाद चर्चा में आया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने कथित तौर पर कहा कि “टैक्स हम देते हैं, उन्हें चलने का हक नहीं।” बयान सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।स्थानीय लोगों ने इस तरह की भाषा और सोच पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक सड़कें किसी एक धर्म या समुदाय की नहीं होतीं, बल्कि सभी नागरिकों की हैं। वहीं, कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताया है।पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। संबंधित दीवार पर लिखे गए नारे को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने या किसी समुदाय के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सार्वजनिक संसाधनों को धर्म के आधार पर बांटने की मानसिकता समाज को किस दिशा में ले जा रही है? फिलहाल प्रशासन की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है।






