काठमांडू: नेपाल में जेनरेशन ज़ेड के उग्र विरोध प्रदर्शन ने देश की राजनीति हिला दी है। सोमवार को पुलिस की गोलीबारी में करीब 20 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। इस तनाव के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पीएम ने अपना इस्तीफे का पत्र राष्ट्रपति को सौंपते ही देश में एक राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया। राजधानी काठमांडू में प्रदर्शनकारी इसे बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। एक युवा प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम बहुत खुश हैं कि प्रधानमंत्री ने इस्तीफा दे दिया।”

सुरक्षा बलों के कड़े रवैये और हिंसा के बढ़ते हालात के बीच, स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री प्रदीप पौडेल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि युवा सिर्फ सुशासन, जवाबदेही और न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें गोलीबारी और सरकारी दमन का सामना करना पड़ा। उनका इस्तीफा बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और देश में बढ़ते तनाव के बीच आया है।
इस हिंसा और अस्थिर स्थिति के चलते, काठमांडू में 13 और 14 सितंबर को होने वाला चौथा काठमांडू कलिंग साहित्य महोत्सव स्थगित कर दिया गया है। आयोजकों ने इसे अब 14 और 15 फरवरी, 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है। देशभर में हवाई सेवाओं और कर्फ्यू पर भी असर पड़ा है, और प्रदर्शनकारी अभी भी कई शहरों में सड़कों पर हैं। सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी हुई है, लेकिन अभी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।






