May 18, 2022

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जोधपुर में ईद पर बवाल दो समुदाय के लोग आपस में भिड़े आखिर जिम्मेदार कौन ??

उम्मीद थी कि मंगलवार की सुबह यानी ईद के दिन यहां अमन जरूर लौटेगा। लेकिन अफसोस कि ऐसा हो नहीं सका और जालोर इलाके में हिंसा फिर भड़क उठी। इस हिंसा में पुलिस की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है।

देश में ईद का पर्व हर्षो-उल्लास के साथ मनाया गया। लेकिन राजस्थान के जोधपुर में आपसी भाईचारे की मिठास घोलने वाले इस त्योहार के मौके पर जमकर हिंसा हुई। दो पक्ष के लोग आपस में इस कदर भिड़े कि कई लोगों को चोटें आईं और संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। हम आपको बताते हैं कि ईद की इस मिठास में कड़वाहट घोलने की शुरुआत कब और कैसे हुई?

पहले नारेबाजी फिर पत्थरबाजी

दरअसल जोधपुर में सोमवार की देर रात सबसे पहले माहौल बिगड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक समुदाय के लोग स्वतंत्रता सेनानी बाल मुकुंद बिस्सा की मूर्ति पर लगे झंडे को लेकर और जालोरी इलाके में ईद को लेकर लगाए गए बैनर को लेकर नारे लगाने लगे। प्रदर्शनकारियों ने झंडा और बैनर को हटा दिया। इसी दौरान वहां दूसरे पक्ष के लोग भी आ गए। इसके बाद देखते-देखते ही यह नारेबाजी, पत्थरबाजी में तब्दील हो गई।

पुलिस ने चटकाई लाठियां

पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए और फिर कोहराम मच गया। कोहराम को शांत कराने पहुंची पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां चटकाईं और आंसूगैस के गोले भी छोड़े। इस पथराव में डीसीपी भुवन भूषण यादव, एसएचओ अमित सियाग सहित दो कॉन्स्टेबल घायल हो गए। रात में भी यहां एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया।

हिंसा क्यों भड़की?

सोमवार की रात आखिर हिंसा क्यों भड़की…इसे लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि जोधपुर में इन दिनों तीन दिवसीय परशुराम जयंती महोत्सव चल रहा है और उसी कड़ी में जोधपुर के जालोरी गेट चौराहे पर स्वर्गीय बालमुकंद की मूर्ति पर भगवा ध्वज फहराया गया था।

जिसको लेकर प्रशासन ने ब्राह्मण समाज से अनुरोध कर बीते सोमवार को दोपहर में यह भगवा ध्वज उतरवा लिए थे। लेकिन रात होते-होते अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों ने स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा पर ध्वजा लगाया। जिसे देखने के बाद स्वतंत्रता सेनानी के रिश्तेदार और कुछ अन्य लोग भड़क गए और फिर यह हिंसा बढ़ती ही चली गई। हालांकि, पुलिस अभी सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो के आधार पर हिंसा की वजहें और हिंसा करने वालों की तालाश कर रही है।

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