उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को गिराए जाने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। प्रशासन ने शनिवार सुबह भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब जिला अदालत ने मस्जिद कमेटी की अपील खारिज करते हुए पहले के आदेश को बरकरार रखा था।
मामले को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने दावा किया कि मस्जिद के अस्तित्व से जुड़े 1911 के दस्तावेज अदालत में पेश किए गए थे और वहां लंबे समय से नमाज होती आ रही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे पुराने दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद इतनी जल्दबाजी में बुलडोजर कार्रवाई क्यों की गई।
ओवैसी ने यह भी सवाल उठाया कि जब मामला आगे की कानूनी प्रक्रिया में ले जाया जा सकता था, तो सुबह करीब 5 बजे मस्जिद को गिराने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
वहीं प्रशासन का कहना है कि कलेक्ट्रेट परिसर की जमीन सरकारी है और सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण माना था। इसके बाद मस्जिद कमेटी की अपील जिला अदालत में खारिज हो गई और प्रशासन ने अदालत के आदेश के आधार पर कार्रवाई की।
मस्जिद गिराए जाने के बाद सहारनपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पूरे मामले ने यूपी की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है और अब विपक्षी नेता प्रशासन की कार्रवाई के तरीके और समय को लेकर सवाल उठा रहे हैं।





