रिपोर्ट-नेहाल अख्तर)
(जिला संवाददता बलिया)
बलिया। पत्रकारों की आवाज माने जाने वाले संगठन राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत उत्तर प्रदेश ने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह व राष्ट्रीय अध्यक्षा पूनम सिंह के निर्देश पर जिला अध्यक्ष दुर्गा शंकर सिंह ने तेज तरार पत्रकार नेहाल अख्तर को बलिया का जिला सूचना मंत्री के पद से जिला उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया है। इस मनोनयन से रसड़ा बलिया राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के पत्रकारों में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
नेहाल अख्तर लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं और पत्रकारों की समस्याओं को उठाने में सदैव अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। उनके मनोनयन के बाद पत्रकारों ने विश्वास जताया है कि संगठन को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
बलिया वर्तमान जिला अध्यक्ष दुर्गा शंकर सिंह सेंगर ने कहा कि नेहाल अख्तर एक युवा, कर्मठ, निर्भीक और संवेदनशील पत्रकार हैं। उनके नेतृत्व में बलिया और रसड़ा का संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई को नई गति मिलेगी।
मनोनयन के उपरांत नेहाल अख्तर ने कहा कि संगठन ने मुझे जिला उपाध्यक्ष के पद पर जो विश्वास जताया है उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, “पत्रकार समाज का चौथा स्तंभ है। ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी जनता की आवाज उठाते हैं। मैं उनके हितों की रक्षा के लिए सदैव संघर्षरत रहूंगा और हर स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास करूंगा।
संगठन के बलिया जनपद के रसड़ा तहसील अध्यक्ष सैय्यद सेराज अहमद ने कहा कि नेहाल अख्तर को जिला सूचना मंत्री के पद से जिला उपाध्यक्ष बनने से न केवल बलिया ही नही बल्कि पूरे बलिया व रसड़ा में संगठन की पकड़ और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि वे सदैव पत्रकारों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाते रहे हैं और भविष्य में भी संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
बलिया सूचना मंत्री के पद से जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने पर उन्हें बधाई देने वालों संतोष कुमार उमाकांत विश्वकर्मा राघवेंद्र कुमार गौतम रामकृष्ण सिंह, अब्दुल रहमान, सादिक अंसारी, आरिफ अहमद अंसारी , कमलेश यादव , तहसील अध्यक्ष सैय्यद सेराज अहमद, मनोज टाईगर,सहित अनेक पत्रकार शामिल हैं।
संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में पत्रकार हित में कई नए कार्यक्रम और संवाद श्रृंखलाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यरत पत्रकारों को प्रशिक्षण, सम्मान और संरक्षण मिल सके।












