देहरादून। प्रदेश में आवारा पशुओं, खासकर गायों की बदहाल स्थिति को लेकर मुस्लिम स्कॉलर खुर्शीद अहमद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि सड़कों और कूड़े के ढेर पर भोजन खोजती गायों की तस्वीरें न केवल दर्दनाक हैं, बल्कि यह हमारे समाज और शासन की संवेदनहीनता को भी दर्शाती हैं।
खुर्शीद अहमद ने कहा कि गाय को ‘माता’ का दर्जा दिया जाता है, लेकिन वास्तविकता में यह सम्मान केवल कागजों और भाषणों तक सीमित है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आवारा और बेसहारा गायों के लिए पर्याप्त गौशालाएं बनाई जाएं, उनकी देखभाल के लिए फंड और व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा नगर निगमों को सख्त निर्देश दिए जाएं कि कूड़े के ढेर पर गायों की यह दुर्दशा न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि गाय की सेवा केवल धार्मिक भावनाओं का विषय नहीं, बल्कि मानवीय कर्तव्य भी है, और किसी भी धर्म का व्यक्ति इसके प्रति उदासीन नहीं रह सकता। पत्र के अंत में उन्होंने आशा जताई कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे को प्राथमिकता देकर ठोस कदम उठाएंगे, ताकि उत्तराखंड में गायों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिल सके।
खुर्शीद अहमद सिद्दीकी देहरादून






