अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
बरभाठा और लीमडीह तुमान सेक्टर के आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिलने से बच्चों की उपस्थिति और विभागीय निगरानी पर सवाल
करतला///कोरबा जिले के विकासखंड करतला अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर एक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बरभाठा आंगनबाड़ी केंद्र और लीमडीह आंगनबाड़ी केंद्र, तुमान सेक्टर में स्थित दोनों केंद्र निर्धारित समय से पहले बंद पाए गए। शासन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक निर्धारित बताया गया है। इसके बावजूद दोनों केंद्र बंद मिलने की जानकारी सामने आने के बाद केंद्रों के नियमित संचालन और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
शासन के निर्धारित समय के अनुसार खुलने चाहिए आंगनबाड़ी केंद्र
आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, प्रारंभिक बाल शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों को पूरक पोषण आहार, प्रारंभिक शिक्षा तथा पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
निर्धारित समय के अनुसार सुबह 9:30 बजे केंद्र खुलने और दोपहर 3:30 बजे तक संचालित रहने की बात कही गई है। ऐसे में यदि केंद्र निर्धारित समय समाप्त होने से पहले बंद मिलते हैं, तो यह जांच का विषय है कि उस दिन बच्चों और अन्य हितग्राहियों को आवश्यक सेवाएं मिल पाईं या नहीं।
बरभाठा और लीमडीह केंद्र बंद मिलने का मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकासखंड करतला के अंतर्गत बरभाठा आंगनबाड़ी केंद्र तथा तुमान सेक्टर के अंतर्गत लीमडीह आंगनबाड़ी केंद्र समय से पहले बंद पाए गए। इन दोनों केंद्रों के बंद मिलने से स्थानीय स्तर पर आंगनबाड़ी संचालन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दो आंगनबाड़ी केंद्रों के समय से पहले बंद मिलने की जानकारी के बाद संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित पर्यवेक्षक द्वारा केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है या नहीं तथा शासन द्वारा निर्धारित संचालन समय का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
यदि जांच में निर्धारित समय से पहले केंद्र बंद रखने की पुष्टि होती है, तो विभागीय नियमों के अनुसार जिम्मेदारी निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
बरभाठा और लीमडीह आंगनबाड़ी केंद्रों के समय से पहले बंद मिलने का मामला बच्चों को मिलने वाली सेवाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। संबंधित विभाग को मामले की जांच कर केंद्रों के बंद मिलने का कारण स्पष्ट करना चाहिए। साथ ही, भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित निरीक्षण और निर्धारित समय पर केंद्रों का संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को संज्ञान में लेकर जांच करता है या नहीं और दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।







