कैराना, उत्तर प्रदेश: कैराना में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही एक बार फिर सुर्खियों में है। एक स्थानीय रवि नेत्र चिकित्सालय पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने आँख के ऑपरेशन के नाम पर न केवल मरीज़ की आँख की हालत और बिगाड़ दी, बल्कि उसकी आँख में नकली लेंस (Fake Lens) डाल दिया गया — जिससे मरीज़ की रोशनी जाने का ख़तरा और बढ़ गया है।
क्या है मामला?
स्थानीय निवासी एक बुजुर्ग मरीज़ ने बेहतर दृष्टि के लिए आंख के ऑपरेशन का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने Cataract (मोतियाबिंद) सर्जरी की सलाह दी और ऑपरेशन के दौरान कथित रूप से घटिया या नकली लेंस लगा दिया। ऑपरेशन के कुछ ही दिनों बाद मरीज़ की हालत बिगड़ने लगी और अब उसकी आँख पूरी तरह से खराब होने की कगार पर है।
मरीज़ के परिजनों का आरोप:
- डॉक्टर ने सही जानकारी नहीं दी।
- नकली लेंस का इस्तेमाल कर आँख की स्थिति और बिगाड़ दी।
- ऑपरेशन के नाम पर काफ़ी रुपए वसूले, लेकिन इलाज में भारी लापरवाही बरती।
स्वास्थ्य विभाग बेखबर?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ तब हो रहा है जब राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सख़्ती की बात कर रही है। अब सवाल यह है कि:
- क्या डॉक्टर के पास सर्जरी की अनुमति थी?
- लेंस की सप्लाई कहाँ से हुई?
- और कितने मरीज़ इसी तरह ठगे गए हैं?
अब क्या हो सकता है?
- मरीज़ के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग की है।
- जल्द ही CMO कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
- यदि आरोप साबित होते हैं, तो डॉक्टर का लाइसेंस रद्द हो सकता है और क़ानूनी कार्यवाही भी संभव है।






