राजधानी पटना के प्रतिष्ठित ए एन सिन्हा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज (A.N. Sinha Institute of Social Studies) के सभागार में बीते कल (17 मई) जमीयत उलेमा बिहार के तत्वावधान में “समाजी इस्लाह कॉन्फ्रेंस” (समाज सुधार सम्मेलन) का भव्य आयोजन किया गया।
इस ऐतिहासिक कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता (सदारत) प्रसिद्ध विद्वान मौलाना बदर अहमद मुजीबी ने की, जबकि मुख्य अतिथि (मेहमान-ए-ख़ुसूसी) के रूप में मौलाना सैयद अज़हर मदनी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कॉन्फ्रेंस में समाज की बेहतरी, आधुनिक व दीनी तालीम (शिक्षा), नैतिक मूल्यों (अख़लाक़) की बहाली और आपसी भाईचारे को मज़बूत करने जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि और गणमान्य लोगों की उपस्थिति
कार्यक्रम में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना व जनसंपर्क मंत्री श्री श्रवण कुमार ने शिरकत की। उनके साथ मंच पर विशिष्ट अतिथियों में शामिल रहे:
जनाब अशफ़ाक करीम (पूर्व सांसद एवं फाउंडर चेयरमैन, अल-करीम मेडिकल यूनिवर्सिटी)
जनाब इरशाद उल्लाह (चेयरमैन, बिहार राज्य सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड)
इंजीनियर सैयद फ़रहान अहमद अलिग (डायरेक्टर, अल-हीरा इंटरनेशनल स्कूल, नवादा)
इसके अलावा राज्य भर से आए उलेमा-ए-किराम, बुद्धिजीवियों, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने बड़ी संख्या में इस सम्मेलन में हिस्सा लिया।
सदारती और मुख्य संबोधन: समाज सुधार व युवाओं की रहनुमाई
कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता कर रहे मौलाना बदर अहमद मुजीबी और मेहमान-ए-ख़ुसूसी मौलाना सैयद अज़हर मदनी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज का कोई भी तबका बिना बेहतर तालीम और सही मार्गदर्शन के आगे नहीं बढ़ सकता।
कॉन्फ्रेंस का मुख्य संदेश:
“आज के दौर में नौजवानों को भटकने से बचाना और उन्हें सही राह दिखाना सबसे बड़ी ज़रूरत है। समाज से कुरीतियों को खत्म करने के लिए युवाओं को उच्च शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और बेहतर अख़लाक़ (नैतिकता) से जोड़ना होगा।”
आपसी भाईचारे और एकता की अपील
बिहार सरकार के मंत्री श्री श्रवण कुमार, डायरेक्टर ई. सैयद फ़रहान अहमद अलिग और अन्य वक्ताओं ने भी ए एन सिन्हा इंस्टीट्यूट के मंच से समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में एकता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। जमीयत उलेमा बिहार की इस पहल की सराहना करते हुए सभी ने माना कि ऐसे सम्मेलनों से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है और आपसी सौहार्द मज़बूत होता है।
कॉन्फ्रेंस के समापन पर समाज सुधार के संकल्प को दोहराया गया और देश व राज्य में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआएं की गईं।






