मिडिल ईस्ट में तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान ने इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू करने का दावा किया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इजराइल के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन हमलों का दायरा सिर्फ इजराइल तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी टारगेट किया गया है। खाड़ी क्षेत्र में तैनात अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट पर हैं और कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया गया है।
इजराइल की ओर से भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राजधानी तेल अवीव और अन्य बड़े शहरों में सायरन बजने की खबर है। नागरिकों को बंकरों में रहने की सलाह दी गई है।
इस बीच कुछ खुफिया रिपोर्ट्स में आशंका जताई गई है कि संघर्ष के बढ़ने की स्थिति में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दफ्तर भी खतरे में आ सकते हैं। खास तौर पर Google और Amazon के क्षेत्रीय कार्यालयों को संभावित जोखिम की सूची में रखा गया है। हालांकि इन कंपनियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अमेरिका ने साफ किया है कि उसके हितों पर हमले की किसी भी कोशिश का कड़ा जवाब दिया जाएगा। व्हाइट हाउस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव लंबा खिंचता है तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार, शेयर बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ेगा।
ईरान का बड़ा सैन्य एक्शन: इजराइल पर हमला तेज, अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं…






