18 साल बाद भारत को बड़ी आर्थिक मान्यता मिली है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने देश की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को ‘BBB-‘ से बढ़ाकर ‘BBB’ कर दिया है — यानी अब भारत निवेश के लिए और ज़्यादा भरोसेमंद बन गया है। एजेंसी ने इसकी वजह बताई भारत की तेज़ आर्थिक ग्रोथ, काबू में आती महंगाई और सरकार की मज़बूत नीतियां। अल्पकालिक रेटिंग भी सुधारी गई है, जो दर्शाता है कि दुनिया भारत की अर्थव्यवस्था को पहले से कहीं ज़्यादा स्थिर और भरोसेमंद मान रही है।
एसएंडपी का ये भी मानना है कि भले ही अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर हो, संभावित टैरिफ का असर हमारी अर्थव्यवस्था पर सीमित ही रहेगा, क्योंकि हमारी ग्रोथ का बड़ा हिस्सा घरेलू खपत से आता है। वित्त मंत्रालय ने इस अपग्रेड का स्वागत करते हुए कहा कि ये बदलाव दिखाता है कि पीएम मोदी की अगुवाई में भारत की अर्थव्यवस्था न सिर्फ तेज़, बल्कि लचीली और मज़बूत भी बनी हुई है। और हां, यह रेटिंग सुधार 18 साल बाद हुआ है — इसलिए यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत की मेहनत और भरोसे का अंतरराष्ट्रीय सबूत है।






