रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी का मामला अब और गरमा गया है। 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में छात्र-छात्राओं का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। बारिश भी प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं तोड़ सकी।
रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर हजारों छात्र-छात्राएं लगातार धरने पर बैठे हैं। तेज बारिश के बावजूद प्रदर्शन जारी है। छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ इमारतों का नहीं, बल्कि उनके भविष्य और शिक्षा का सवाल है। उनका साफ कहना है कि जब तक 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश वापस नहीं लिया जाता या कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने के दौरान बड़ी संख्या में छात्राओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने महिला पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी है। दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय से छात्र-छात्राओं का संकायवार विवरण मांगा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अन्य विश्वविद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के सपनों पर बुलडोजर चलाने की कोशिश कर रही है और जौहर यूनिवर्सिटी को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाया जा रहा है।
फिलहाल बारिश के बीच भी छात्रों का आंदोलन जारी है और सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। अब देखना होगा कि बातचीत से समाधान निकलता है या यह विवाद आगे और गहराता है।
जौहर यूनिवर्सिटी मामला हजारों उत्तेजित छात्राओं का बारिश में भी लगातार …..






