अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
करतला//विकासखंड करतला के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुपातराई में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराए गए नाली निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि धर्म चौक स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर के पास नाली निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे गंदा पानी आसपास की बस्ती और मंदिर परिसर में फैल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, जब पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा नाली का निर्माण कराया जा रहा था, उसी समय ग्रामवासियों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया था कि यह धार्मिक स्थल का क्षेत्र है। उन्होंने आग्रह किया था कि नाली का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप और पूरी सावधानी से किया जाए, ताकि मंदिर परिसर स्वच्छ बना रहे और जल निकासी की कोई समस्या उत्पन्न न हो। इसके बावजूद ग्रामीणों की आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
वर्तमान स्थिति यह है कि अधूरी नाली के कारण गंदा पानी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में जमा होकर फैल रहा है। इससे न केवल धार्मिक स्थल की स्वच्छता प्रभावित हुई है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी दुर्गंध, मच्छरों और अन्य संक्रमणजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में शासन-प्रशासन तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक न तो अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराया गया है और न ही जल निकासी की समस्या का कोई स्थायी समाधान किया गया है। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही और निर्माण कार्य में बरती गई अनदेखी का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नाली का निर्माण सही तरीके से पूरा कर दिया जाता, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन एवं पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अधूरे नाली निर्माण को तत्काल पूरा कराया जाए तथा निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की तत्काल सफाई एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।







