उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। थाने के अंदर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में तत्कालीन इंस्पेक्टर और क्षेत्राधिकारी (CO) को अदालत ने 20-20 साल की सजा सुनाई है। इस मामले में पीड़िता के साथ हुई घटना के समय वह करीब ढाई महीने की गर्भवती थी। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़िता के पति को भी कथित तौर पर फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिया गया था।
मामले के अनुसार, महिला ने पुलिस अधिकारियों पर थाने के अंदर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। घटना के बाद पीड़िता को न्याय पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। वहीं, उसके पति को भी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजे जाने का आरोप सामने आया था। अब अदालत ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए दोनों पुलिस अधिकारियों को 20-20 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत के इस फैसले को पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही और कानून के शासन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, इस मामले में पीड़िता को न्याय मिलने तक किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा, यह घटना पुलिस व्यवस्था और थानों में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।





