बरेली। किसानों से जमीन का सौदा कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामलों में वांछित पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पन्नालाल कश्यप को बरेली क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक कश्यप पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे मेरठ से गिरफ्तार किया और बरेली लाकर भोजीपुरा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के अनुसार गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र के गढ़ी निवासी पन्नालाल कश्यप वर्ष 2007 में बसपा सरकार के दौरान दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रह चुका है। उसके खिलाफ बरेली जिले के अलग-अलग थानों में करीब 38 मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें भोजीपुरा और मीरगंज थानों में सबसे अधिक मामले बताए गए हैं।
2023 में दर्ज हुए थे दो प्रमुख मुकदमा, किसानों से ठगी और धोखाधड़ी के वर्ष 2023 के दो मामलों में पन्नालाल कश्यप वांछित था। इनमें से एक मामला 8 अगस्त 2023 को भोजीपुरा थाने में क्राइम नंबर 506 के तहत दर्ज हुआ था।
इस मामले में रामपुर के शाहबाद क्षेत्र के अफगानान निवासी साइम खान ने जमीन की सौदेबाजी के नाम पर 35 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पन्नालाल कश्यप के अलावा कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे।
दूसरा मामला भी वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों मामलों में पन्नालाल कश्यप को आरोपी बनाया गया था।
कोर्ट ने किया था फरार घोषित, गिरफ्तारी नहीं होने पर अदालत ने 26 अगस्त को पन्नालाल कश्यप को फरार घोषित किया था। इसके बाद विवेचक ने उसके घर पर नोटिस चस्पा किए थे। पुलिस के मुताबिक वह न तो अदालत में पेश हुआ और न ही गिरफ्तार हो सका। इसके बाद पुलिस ने उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की तैयारी शुरू की थी।
किसानों से जमीन का सौदा कराने के नाम पर कथित ठगी के मामलों में मीरगंज के महीपाल यादव गैंग का नाम सामने आया था। वर्ष 2023 में भोजीपुरा, मीरगंज, कोतवाली, भुता और प्रेमनगर समेत अन्य थानों में इस नेटवर्क के खिलाफ 20 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें गाजियाबाद और भट्टा क्षेत्र से जुड़े आरोपियों के नाम भी सामने आए थे।
तीन साल से कार्रवाई की मांग कर रहे थे किसान, पुलिस के मुताबिक कई पीड़ित किसान लंबे समय से मुकदमा दर्ज कराने और कार्रवाई की मांग कर रहे थे। तत्कालीन आईजी राकेश कुमार सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य के संज्ञान में मामला आने के बाद पीड़ितों की शिकायतों पर मुकदमे दर्ज किए गए। बाद में कई मामलों की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई, जिसके बाद कार्रवाई तेज हुई।
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में टीम ने पहले गाजियाबाद में दबिश दी, लेकिन पुलिस के अनुसार आरोपी वहां से बच निकला। इसके बाद टीम ने उसकी तलाश करते हुए मेरठ में उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी अनुराग आर्य ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी जारी हैं।






