झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट
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झालावाड़ 24 जनवरी। हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों और उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, और विकास के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है। इस वर्ष बालिका दिवस की थीम ‘‘बालिकाओं का सशक्तिकरण, देश का विकास’’ है। जिसे लेकर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की पीसीपीएनडीटी सैल द्वारा निर्मल मोन्टेसरी शिक्षिक प्रशिक्षण महाविद्यालय मुण्डेरी, झालावाड़ में मनाया गया।
बालिका दिवस से एक दिवस पूर्व प्रशिक्षण महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने निबन्ध व पोस्टर बनाओं प्रतियोगिता में बढ़चढ़ भाग लिया तथा आज आयोजित राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यशाला में नाटक मंचन व स्व रचित कविताओं के माध्यम से बेटी बचाओ का संदेश प्रचारित किया।
कार्यशाला में जिला कार्यक्रम समन्वयक (पीसीपीएनडीटी) प्रभु ऐरवाल द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलायी जा रही मुखबीर योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी, जिसमें सूचना देने पर 1 लाख रूपये, डिकॉई में सहयोग करने वाली गर्भवती महिला को 1.50 लाख तथा सहयोगी व्यक्ति को 50 हजार रूपये दिया जाता है। बालिका के जन्म के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और बाल विवाह जैसी कुरूतियों को रोकना, बालिका शिक्षा एवं स्वास्थ में आने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर करना साथ ही महिलाओं सशक्तिगण और उनकी आर्थिक स्वतंत्रताओं को बढ़ावा देने वाली ‘‘लाडो प्रोत्साहन योजना’’ के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी।
कॉलेज प्राचार्या डॉ. बबीता सोलंकी ने भारतीय संस्कृति व परम्परा में बालिका के महत्ता को बताते हुऐ कन्या भू्रण हत्या को रोकने के लिए प्रशिक्षणार्थियों प्रतीज्ञा दिलाई और कहा कि बेटियां भारतीय गौरव का प्रतीक है। कार्यशाला में जिला कार्यक्रम समन्वयक (आईईसी) धनन्वतरी प्रजापति ने बताया कि तकनीकी विकास और पश्चिमी संस्कृति के कारण भारत देश में विभिन्न कुरूतियां आरम्भ हुई जिनमें से कन्या भू्रण हत्या भी एक है जिसका हम सबको मिलकर उन्मूलन करना है।
कॉलेज में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उत्कृष्ठ कार्य किया, जिनके पोस्टर मेकिंग में प्रथम-अंजली झाला, दितीय-सोनिया कुमारी, तृतीय सचिन जाटव व छवि मालवीय एवं सांत्वना में अंकित लोधा व अक्षिता शर्मा, निबन्ध लेखन में प्रथम-निशा वैष्णव, द्धितीय-रानू हाडा, तृतीय हेमलता व टीना एवं सांत्वना रोहित व सुमन, नाटक मंचन में प्रथम मोनिका, द्धितीय सुनिता, तृतीय मिनाक्षी कशिश एवं सांत्वना अंजली राजावत व गुजंन एवं स्व रचित कविता में प्रथम मनीषा व द्धितीय मोनिका रहे है। विभिन्न प्रतियोगिता के आयोजन करवाने में भैरूलाल रावल, मधुबाला शर्मा एवं प्रशिक्षण संस्थान के शिक्षकों का विशेष सहयोग रहा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान ने बताया कि जिले में चलाये जा रहे विभिन्न जागरूकता अभियानों का ही परिणाम है कि विगत 10-15 वर्षो में बालिका लिंगानुपात में वृद्धि हो रही है, जो हर्ष का विषय है साथ ही हमें सबको साथ लेकर इस जघन्य अपराध को जिले से खत्म करने हेतु प्रयासरत रहना है।







