अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
करतला// जनपद पंचायत करतला अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सोहागपुर–मुकुंदपुर मार्ग लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रहा है। जर्जर सड़क और जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई, जिसके चलते दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ था।
सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में लंबे समय से नाराजगी देखी जा रही थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क की समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया। वहीं, विभिन्न डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्मों द्वारा भी सड़क की बदहाली को प्रमुखता से उठाया गया, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर जाए।
खबरों के बाद भी नहीं हुई ठोस पहल
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की समस्या लगातार सामने आने के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से समय रहते मरम्मत को लेकर ठोस पहल नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत कर दी जाती, तो वर्तमान स्थिति इतनी खराब नहीं होती और लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
सड़क की स्थिति खराब होने के कारण ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और अन्य राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी हो रही थी। गड्ढों के कारण वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा भी बना हुआ था।
जनप्रतिनिधियों ने उठाया जिम्मा
जब सड़क की मरम्मत को लेकर प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित पहल नहीं हुई, तो क्षेत्र के जनपद सदस्य एवं ग्राम पंचायत मुकुंदपुर के सरपंच ने स्वयं आगे आकर सड़क की तत्काल मरम्मत कराने का निर्णय लिया।
बताया जा रहा है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने निजी खर्च से लगभग 3 किलोमीटर सड़क पर मुरुम एवं गिट्टी डलवाकर गड्ढों का समतलीकरण कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य फिलहाल सड़क को चलने योग्य बनाना और ग्रामीणों को तत्काल राहत पहुंचाना है।
जनप्रतिनिधियों की इस पहल की ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने लोगों की परेशानी को समझते हुए अपने स्तर पर जो कदम उठाया है, उससे आवागमन में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
नवीनीकरण का प्रस्ताव भेजे जाने की बात
वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोहागपुर–मुकुंदपुर सड़क के नवीनीकरण का प्रस्ताव पहले ही तैयार कर जनपद अध्यक्ष अशोक बाई कंवर द्वारा भेजा जा चुका है। इसके बावजूद सड़क के स्थायी नवीनीकरण अथवा मरम्मत कार्य की शुरुआत नहीं होने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सड़क के नवीनीकरण का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है, तो फिर कार्य को स्वीकृति दिलाने और धरातल पर शुरू कराने में देरी क्यों हो रही है? ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि बारिश के मौसम में खराब सड़क से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
अस्थायी मरम्मत से राहत, लेकिन स्थायी समाधान की जरूरत
फिलहाल जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने खर्च से कराया जा रहा मरम्मत कार्य ग्रामीणों के लिए तत्काल राहत का जरिया बन रहा है, लेकिन क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुरुम और गिट्टी डालकर गड्ढों को भरना स्थायी समाधान नहीं है।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित इस मार्ग की तकनीकी जांच कराकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से स्थायी नवीनीकरण एवं मरम्मत कार्य कराया जाए। साथ ही सड़क निर्माण और रखरखाव से संबंधित जिम्मेदार विभाग को इसकी स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
अब सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को बदहाल सड़क से जूझना पड़ेगा? क्या शासन-प्रशासन सड़क नवीनीकरण के प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लेकर कार्य शुरू कराएगा? और क्या संबंधित विभाग सड़क की गुणवत्ता एवं वर्तमान स्थिति की जांच करेगा?
क्षेत्रवासियों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि सोहागपुर–मुकुंदपुर मार्ग के नवीनीकरण कार्य को जल्द स्वीकृति देकर धरातल पर शुरू कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को अस्थायी राहत के बजाय स्थायी और सुरक्षित सड़क सुविधा मिल सके।













