बरेली। साइबर क्राइम थाना बरेली पुलिस ने शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के नाम पर करीब 49 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी सचिन कुमार पुत्र स्वर्गीय रामबीर सिंह को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त लैपटॉप, मोबाइल, डेबिट कार्ड, चेकबुक समेत बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आशीष रॉयल पार्क डेंटल कॉलेज निवासी आलोक दूबे ने 8 जून को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के माध्यम से निवेश पर भारी लाभ का लालच दिया गया। ठगों ने व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर फर्जी एसएमसी ब्रोकिंग ऐप डाउनलोड कराया और केवाईसी के बाद खाता खुलवाकर 16 जनवरी से 30 अप्रैल के बीच 20 ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 49.43 लाख रुपये जमा करा लिए। बाद में 15 प्रतिशत कमीशन और 18 प्रतिशत जीएसटी के नाम पर भी धनराशि वसूली गई, लेकिन मुनाफा देने के बजाय ऑडिट और ऐप अपडेट का बहाना बनाकर टालमटोल की जाती रही।
पीड़ित को ठगी का एहसास होने पर एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर साइबर क्राइम थाना बरेली में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए।
विवेचना के दौरान पुलिस को गिरोह के मुख्य आरोपी सचिन कुमार पुत्र स्वर्गीय रामबीर सिंह, निवासी विश्वनाथ एन्क्लेव, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून के संबंध में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। इसके बाद साइबर क्राइम थाना की टीम ने 12 जून को उसे रेलवे स्टेशन रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट और एप तैयार कर लोगों को निवेश का झांसा देता था। निवेशकों की बड़ी रकम जमा होने के बाद उनकी आईडी निष्क्रिय कर दी जाती थी। ठगी की रकम को विभिन्न खातों और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से हवाला नेटवर्क तक पहुंचाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के विरुद्ध तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पूर्व में दर्ज मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं बढ़ाते हुए उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड की कार्रवाई शुरू कर दी है।







