Home / Breaking News / कान्हा उपवन की अव्यवस्थाओं के खिलाफ गौ सेवकों ने खोला मोर्चा, उच्चस्तरीय जांच की मांग

कान्हा उपवन की अव्यवस्थाओं के खिलाफ गौ सेवकों ने खोला मोर्चा, उच्चस्तरीय जांच की मांग

सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन, सात दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

बरेली। नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा उपवन गौशाला में गोवंश की कथित दुर्दशा, व्यवस्थाओं में अनियमितता और पशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोपों को लेकर गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। मामले में निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर कान्हा उपवन सेवा संघर्ष समिति के बैनर तले गौ सेवकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। समिति ने प्रशासन को सात दिन में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

पंकज पाठक, अरुण पटेल फौजी और हिमांशु पटेल के नेतृत्व में ज्ञापन

कान्हा उपवन सेवा संघर्ष समिति के गौ सेवक पंकज पाठक, अरुण पटेल फौजी और हिमांशु पटेल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा। समिति में विभिन्न गौ सेवकों के साथ हिंदू संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। समिति का कहना है कि कान्हा उपवन की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, इसलिए पूरे मामले की प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच जरूरी है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि गौशाला में संरक्षित गोवंश को पर्याप्त मात्रा में चारा, स्वच्छ पानी, समय पर उपचार और आवश्यक देखभाल उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। समिति ने मांग की कि केवल मौके का निरीक्षण करने के बजाय गौशाला से संबंधित सभी अभिलेखों की भी विस्तार से जांच कराई जाए।

चारा, स्टॉक और मृत्यु रजिस्टर की जांच की मांग

समिति ने कान्हा उपवन में होने वाली चारा आपूर्ति, उपलब्ध स्टॉक, संबंधित भुगतान, पशुओं के उपचार के अभिलेख, मृत्यु रजिस्टर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच कराने की मांग उठाई है। गौ सेवकों का कहना है कि रिकॉर्ड की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोवंश की देखभाल के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है और व्यवस्थाओं में कहीं कोई लापरवाही या अनियमितता तो नहीं है।

समिति ने कहा कि गोवंश की मृत्यु से जुड़े मामलों का भी रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन होना चाहिए। यदि किसी पशु की मौत हुई है तो उसकी परिस्थितियों, उपचार और आवश्यक होने पर पोस्टमार्टम से संबंधित दस्तावेजों को जांच के दायरे में लाया जाए।

पशु कल्याण अधिकारी की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग

ज्ञापन में नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की गई है। समिति ने मांग की है कि उनके पूर्व तैनाती स्थल मेरठ से जुड़े गोवंश की मौत के प्रकरण के उपलब्ध अभिलेखों को भी जांच में शामिल किया जाए। हालांकि, समिति द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

गौ सेवकों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच किसी ऐसे स्तर से कराई जाए जिससे उसकी निष्पक्षता पर सवाल न उठें और गौशाला से संबंधित सभी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखते हुए उनका सत्यापन किया जाए।

सात दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी

कान्हा उपवन सेवा संघर्ष समिति ने प्रशासन को सात दिन के भीतर कार्रवाई करने की मांग की है। समिति का कहना है कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा पशु क्रूरता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

समिति ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो गौ सेवक और हिंदू संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे और इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

ज्ञापन देने वालों में विशाल सक्सेना, तरुण, सोनू ठाकुर, अरुण पटेल, वंश चौहान, शिव कुमार, रिर्दोष राठौर, गीता, सचिन चौहान और नितिन छावड़ा समेत अन्य गौ सेवक एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now