कांग्रेस पार्टी आज राजधानी दिल्ली में एक बड़ी महारैली कर रही है। इस महारैली के जरिए कांग्रेस ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति बनाई है।
पार्टी का आरोप है कि चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है और मतदाताओं के अधिकारों से समझौता हो रहा है।महारैली में देश के कई राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंचे हैं।
सुबह से ही रैली स्थल पर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जहां पार्टी के झंडे, बैनर और नारेबाजी का माहौल देखने को मिला। सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह महारैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। पार्टी मंच से चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, मतदाता सूची और संस्थाओं की निष्पक्षता जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगी।रैली को कांग्रेस के कई बड़े नेता संबोधित करेंगे।
माना जा रहा है कि इस दौरान आने वाले चुनावों को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा भी साफ की जा सकती है।वहीं, सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए इसे चुनावी दबाव की राजनीति करार दिया है। अब सबकी नजर इस महारैली पर है कि कांग्रेस अपने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को किस तरह जनता के सामने रखती है और इसका सियासी असर कितना होता है।





