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खनन प्रभावित ग्रामों को आदर्श ग्राम बनाने कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शुरू की पहल

अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट

ग्रामीणों के बीच बैठकर सुनी समस्याएं, गांव के विकास के लिए पंचायतों से मांगी समग्र कार्ययोजना

बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को बेहतर बनाने पर जोर

स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर अपूर्ण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

कोरबा//कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले के कोयला उत्खनन से प्रभावित ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल शुरू की है। इसी क्रम में उन्होंने ग्राम पंचायत ढेलवाडीह, जवाली, डोंगरी, रंजना, बतारी और ग्राम बेलटिकरी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं जानीं और गांव के समग्र विकास के लिए ग्रामीणों से सुझाव एवं प्रस्ताव लिए।

कलेक्टर ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों से कहा कि वे सभी पंचों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक कर गांव की प्राथमिक आवश्यकताओं और विकास कार्यों की समग्र कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित ग्रामों में प्रत्येक परिवार को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए आवश्यकतानुसार राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने पेयजल, सड़क, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आजीविका के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य करने पर जोर दिया।

खनिज न्यास के कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश

कलेक्टर श्री दुदावत ने खनन प्रभावित ग्रामों में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों एवं बसाहटों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुराने स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा नए स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्य समय पर पूर्ण करने वाली ग्राम पंचायतों को आगे नए कार्यों के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम बनाने सड़कों की मरम्मत, पेयजल के लिए बोर एवं सोलर ड्यूल पंप सिस्टम के माध्यम से पानी की टंकियों की व्यवस्था, जर्जर स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत, आवश्यकतानुसार नए आंगनबाड़ी भवन तथा सामुदायिक भवन निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।

बिजली बिल की शिकायतों की जांच के लिए गांव में लगेगा शिविर

ग्रामीणों ने कलेक्टर को अधिक बिजली बिल आने की शिकायत से अवगत कराया। कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को गांव में शिविर लगाकर बिजली बिलों की जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जिन परिवारों के पास घर की छत उपलब्ध है और वे अपने घर में सोलर सिस्टम लगाना चाहते हैं, वे ग्राम पंचायत के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। वहीं खपरैल अथवा अन्य कारणों से घर की छत पर सोलर सिस्टम स्थापित नहीं कर पाने वाले परिवार 8 से 15 लोगों का समूह बनाकर सामूहिक सोलर सिस्टम के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सोलर ऊर्जा के उपयोग से ग्रामीणों को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ ही अतिरिक्त विद्युत उत्पादन को ग्रिड में बेचकर आय अर्जित करने का अवसर भी मिल सकता है।

बच्चों की पढ़ाई पर दें विशेष ध्यान, उच्च शिक्षा के लिए जिला प्रशासन देगा सहयोग

कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने बताया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के सभी वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर सहित अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में जाने के लिए नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु आवासीय कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी प्रकार 12वीं के बाद देश के किसी भी मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज अथवा अन्य पाठ्यक्रम में बड़े शासकीय शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों की फीस संबंधित संस्था को जिला प्रशासन द्वारा वहन किए जाने की व्यवस्था है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है।

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

कलेक्टर ने ग्रामीण महिलाओं से महतारी वंदन योजना के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने योजना से वंचित पात्र महिलाओं को बताया कि शासन द्वारा आवेदन लिए जाने की प्रक्रिया के माध्यम से उनके नाम जोड़े जा सकते हैं।

उन्होंने महिलाओं को लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से सिलाई सहित विभिन्न ट्रेडों में दिए जा रहे कौशल विकास प्रशिक्षण की जानकारी दी और इच्छुक महिलाओं से प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार से जुड़ने का आह्वान किया।

कलेक्टर ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को उनकी मांग एवं आवश्यकता के आधार पर ई-रिक्शा, दोना-पत्तल निर्माण मशीन, मिनी राइस मिल, आटा चक्की, कोसा धागाकरण, स्कूल ड्रेस, सिलाई कार्य, प्रिंटिंग प्रेस संचालन तथा कचरा संग्रहण जैसे कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने महिला समूहों द्वारा भवन की मांग पर भी नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उन्हें स्थायी स्वरोजगार से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

धान विक्रय के लिए समय पर किसान पंजीयन कराने की अपील

कलेक्टर ने किसानों को धान विक्रय के लिए चल रहे डिजिटल सर्वे एवं गिरदावरी की जानकारी दी। उन्होंने नए किसानों से 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील की।

उन्होंने बताया कि जिन किसानों का पिछले वर्ष पंजीयन हो चुका है, उन्हें दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिन किसानों का नया शासकीय अथवा वन पट्टा बना है, रकबे में संशोधन हुआ है, जो पिछले वर्ष धान विक्रय के लिए पंजीयन नहीं करा पाए थे अथवा इस वर्ष धान विक्रय करना चाहते हैं, वे निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि धान विक्रय के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने किसानों से 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभा में उपस्थित रहने और गिरदावरी सूची में नामों के पठन के दौरान जानकारी का मिलान करने कहा। किसी प्रकार की त्रुटि अथवा आपत्ति होने पर समय रहते उसमें सुधार कराने की अपील भी की।

ग्रामसभा के प्रस्ताव से जाति प्रमाणपत्र बनाने की जानकारी दी

जाति प्रमाणपत्र नहीं होने से होने वाली समस्याओं के संबंध में ग्रामीणों से मिली शिकायत पर कलेक्टर ने बताया कि जिन लोगों के जाति संबंधी दस्तावेज अथवा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत ग्रामसभा के प्रस्ताव के आधार पर जाति प्रमाणपत्र बनवाने की कार्यवाही कर सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बुजुर्गों और विद्यार्थियों के आवागमन के लिए ई-रिक्शा की पहल

कलेक्टर ने बुजुर्गों तथा स्कूली विद्यार्थियों को आवागमन में होने वाली परेशानियों को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे गांव में किसी उपयुक्त युवक का चयन करें, जो ई-रिक्शा का संचालन कर सके। यह ई-रिक्शा गांव से दूसरे गांव तक विद्यार्थियों एवं जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने में उपयोग किया जा सकेगा। कलेक्टर ने इसके लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की बात कही।

स्ट्रीट लाइट, कचरा संग्रहण और पेयजल व्यवस्था के लिए सामुदायिक भागीदारी जरूरी

ग्रामीणों द्वारा स्ट्रीट लाइट, कचरा संग्रहण, नियमित कचरा उठाव एवं पेयजल की मांग रखी गई। इस पर कलेक्टर ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में आमतौर पर इन सेवाओं के संचालन के लिए कर अथवा शुल्क लिया जाता है। ग्राम पंचायतों में भी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सामुदायिक भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराई जा सकती है, लेकिन उसके बिजली बिल का भुगतान ग्राम पंचायत को करना होगा। इसी तरह कचरा संग्रहण एवं उठाव के लिए ई-रिक्शा सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं। कचरा संग्रहण का कार्य करने वाले समूहों अथवा महिलाओं को आजीविका के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था ग्राम पंचायत को करनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण हर माह नाममात्र की राशि देने के लिए तैयार हों तो यह व्यवस्था लंबे समय तक सुचारू रूप से संचालित की जा सकती है।

तीन माह में पेयजलापूर्ति शुरू करने के निर्देश

कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए बताया कि संबंधित ठेकेदारों को तीन माह के भीतर पेयजलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घर-घर पानी पहुंचने के बाद ही कार्यों का सत्यापन एवं भुगतान किया जाएगा।

उन्होंने ग्राम पंचायतों से भी अपील की कि पेयजलापूर्ति शुरू होने के बाद बिजली बिल एवं पंप में खराबी जैसी आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था हेतु नियमानुसार शुल्क का प्रावधान किया जा सकता है।

शिकायतों की जांच और कार्रवाई के निर्देश

ग्रामीणों द्वारा रखी गई विभिन्न शिकायतों पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने वन पट्टों से संबंधित मामलों की जांच, बिजली बिलों की जांच, अवैध शराब एवं गांजा बिक्री की शिकायतों की जांच तथा डोंगरी उच्चतर विद्यालय के स्वीकृत भवन का निर्माण अधूरा छोड़ने के मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्राम बेलटिकरी में मानदेय शिक्षक की भर्ती में कथित अनियमितता की शिकायत की भी जांच करने के निर्देश दिए।

गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने का भरोसा

ग्रामीणों द्वारा पानी की समस्या, भारी वाहनों के आवागमन वाले मार्गों पर स्ट्रीट लाइट, बाजार शेड, उप स्वास्थ्य केंद्र में पेवर ब्लॉक, जर्जर मिडिल स्कूल भवन की मरम्मत, सीसी सड़क निर्माण, जाम नालियों की सफाई, ढपढप में सीसी सड़क निर्माण और देवगुड़ी के विकास सहित विभिन्न मांगें रखी गईं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन मांगों का परीक्षण कर आवश्यकतानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित एवं बसाहट ग्रामों में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से भी विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने और अपने गांव को आदर्श ग्राम बनाने में प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया।

इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा श्री विपिन दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, जनपद सीईओ, बीईओ, तहसीलदार एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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