ब्यूरो संजय मिश्रा
चित्रकूट, दिनांक: 03 अप्रैल 2026 जनपद चित्रकूट में संचालित चांदी बंगर समूह ग्रामीण पेयजल योजना (Zone-37 एवं Zone-67) का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि योजना के अंतर्गत विकसित अवसंरचना के माध्यम से अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति में सकारात्मक सुधार परिलक्षित हो रहा है, हालांकि कुछ तकनीकी एवं प्रचालन संबंधी कमियां भी चिन्हित की गई हैं।
निरीक्षण के दौरान उपलब्ध कराए गए अभिलेखों एवं जूनियर इंजीनियर, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), चित्रकूट अभिजीत यादव द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर पाया गया कि Zone-37 (बछरन) में कुल लगभग 19,214 मीटर पाइपलाइन का प्रावधान था, जिसके सापेक्ष लगभग 18,990 मीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है तथा लगभग 284 मीटर कार्य शेष है। इसी प्रकार कुल 916 घरेलू नल कनेक्शन (HSC) के सापेक्ष लगभग 784 कनेक्शन स्थापित किए जा चुके हैं तथा 132 शेष हैं। इस ज़ोन में 200 KL क्षमता एवं लगभग 18 मीटर ऊंचाई का OHT निर्मित है। वहीं Zone-67 (सिकरिया) में लगभग 35,756 मीटर पाइपलाइन के सापेक्ष 34,707 मीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है तथा 1,049 मीटर कार्य शेष है, तथा यहां 375 KL क्षमता एवं लगभग 22 मीटर ऊंचाई का OHT स्थापित है।
ग्राम स्तर पर निरीक्षण में पाया गया कि ग्राम गोरा कोनी में लगभग 3040 मीटर पाइपलाइन एवं 34 HSC कनेक्शन पूर्ण रूप से स्थापित किए जा चुके हैं, तथा सड़क पुनर्स्थापना का कार्य भी अधिकांशतः पूर्ण है, इसके बावजूद ग्राम में पिछले लगभग 6–8 माह से जलापूर्ति बाधित पाई गई, जो कि अत्यंत गंभीर स्थिति है। ग्राम सिकरिया में लगभग 4266 मीटर पाइपलाइन एवं 169 HSC कनेक्शन पूर्ण रूप से स्थापित हैं तथा अधिकांश सड़क कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को जलापूर्ति का लाभ प्राप्त हो रहा है। इसी प्रकार ग्राम बक्टा बुजुर्ग में लगभग 14,724 मीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है (126 मीटर शेष), 350 में से 345 HSC कनेक्शन स्थापित हैं (5 शेष) तथा सड़क कार्य भी अधिकांशतः पूर्ण है, जिससे लगभग 70 प्रतिशत परिवारों को जलापूर्ति का लाभ प्राप्त हो रहा है।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि ग्राम गोरा कोनी (हर घर जल प्रमाणित) में OHT के conical wall एवं bottom ring beam joint में सीपेज (seepage) तथा फील्ड स्तर पर निगरानी की कमी के कारण जलापूर्ति बाधित है, जो कि गंभीर चिंता का विषय है। इसके अतिरिक्त ग्राम सिकरिया एवं बक्टा बुजुर्ग के अंतर्गत आने वाले अहिरन पुरवा एवं हरि पुरवा जैसे कुछ आबादी क्षेत्रों में जलापूर्ति आंशिक अथवा अपर्याप्त पाई गई, जिससे वितरण प्रणाली में असंतुलन (hydraulic imbalance) की स्थिति स्पष्ट होती है।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि स्थल पर आवश्यक operation एवं monitoring registers, जैसे water supply logbook, distribution register, valve operation register एवं complaint register उपलब्ध नहीं थे, जिससे जलापूर्ति की निगरानी एवं नियंत्रण प्रणाली में कमी परिलक्षित हुई।
उक्त निरीक्षण के दौरान जूनियर इंजीनियर, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), चित्रकूट अभिजीत यादव, L&T कंपनी के Construction Manager विपिन पांडे तथा थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी (TPI) के Site Incharge अमर पांडे उपस्थित रहे।
उक्त कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था L&T, जल निगम के अभियंताओं तथा थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी (TPI) को विस्तृत एवं सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें OHT की तत्काल मरम्मत एवं सीपेज का निराकरण, जल वितरण प्रणाली का तकनीकी संतुलन (hydraulic balancing), नियमित जलापूर्ति रोस्टर लागू करना, सभी आबादियों में शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करना तथा फील्ड स्तर पर निगरानी एवं जवाबदेही प्रणाली को सुदृढ़ करना शामिल है।
साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि ग्राम सिकरिया एवं बक्टा बुजुर्ग को पूर्ण रूप से संतृप्त करते हुए उन्हें जल जीवन मिशन के अंतर्गत मॉडल सफलता (Model Success Story) के रूप में विकसित किया जाए, ताकि अन्य योजनाओं के लिए भी यह उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।
🗣️ अधिकारी का कथन
“योजना के अंतर्गत अधिकांश क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं, जो अवसंरचना विकास की सफलता को दर्शाते हैं। शेष तकनीकी एवं प्रचालन संबंधी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करते हुए शीघ्र ही सभी ग्रामों में शत-प्रतिशत एवं विश्वसनीय जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी तथा योजना को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।”
जारीकर्ता:
आशीष कुमार भारती
अधिशासी अभियंता
जल निगम (ग्रामीण), चित्रकूट
चित्रकूट -चांदी बंगर जलापूर्ति योजना में व्यापक सुधार, शत-प्रतिशत आपूर्ति हेतु सख्त निर्देश जारी






