सहारनपुर, (31 अगस्त 2025) आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार और अनैतिक गतिविधियों के आरोपों ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। रिश्वतखोरी और अनैतिक कार्यों में लिप्त होने के कारण पूर्व आबकारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार की जेल यात्रा के बाद सेक्टर-1 का अतिरिक्त चार्ज आबकारी निरीक्षक शिखर श्रीवास्तव को सौंपा गया था। लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिला आबकारी अधिकारी ने उप आबकारी आयुक्त को पत्र लिखकर शिखर श्रीवास्तव को हटा दिया, क्योंकि उन्होंने ईमानदारी और विभाग हित के चलते अनैतिक कार्यों में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया था। अब यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अक्षय नामक एक अन्य अधिकारी को सौंपी गई है, लेकिन वह भी अपनी बेहद ईमानदार और निष्पक्ष छवि के लिए मशहूर हैं। यह नियुक्ति विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है, और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अक्षय दबाव में टूटेंगे या अपनी बेदाग छवि को कायम रखेंगे।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, शैलेंद्र कुमार पहले ही अनैतिक गतिविधियों और रिश्वतखोरी के आरोपों के चलते जेल जा चुके हैं। उनके बाद सेक्टर-1 का प्रभार शिखर श्रीवास्तव को मिला था, लेकिन जिला आबकारी अधिकारी द्वारा लगातार निरीक्षकों पर अनैतिक कार्यों के लिए दबाव डाला जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि शिखर श्रीवास्तव ने इस दबाव को ठुकरा दिया, जिसके चलते उन्हें पद से हटाया गया है। एक अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि, “जिला आबकारी अधिकारी की ओर से इंस्पेक्टर्स पर अनुचित दबाव की बात विभाग में आम है। शिखर श्रीवास्तव की ईमानदारी उनके लिए भारी पड़ी, और पत्र लिखकर उन्हें हटवा दिया गया लेकिन ईमानदार छवि के इंस्पेक्टर अक्षय की नियुक्ति एक नई उम्मीद लेकर आई है।”
अक्षय, जो लंबे समय से आबकारी विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, अपनी सख्त और पारदर्शी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। अवैध शराब तस्करी और रिश्वतखोरी के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई ने उन्हें विभाग में एक सम्मानित नाम बनाया है। सेक्टर-1, जो सहारनपुर के शहरी क्षेत्र का एक व्यस्त हिस्सा है और जहां आबकारी दुकानों, लाइसेंसिंग, और राजस्व संग्रह की निगरानी महत्वपूर्ण है, अब उनके नेतृत्व में होगा। सूत्रों का कहना है कि उनकी नियुक्ति से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और विभाग में पारदर्शिता बढ़ेगी। एक कर्मचारी ने कहा, “अक्षय बेहद ईमानदार प्रवृत्ति के हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस दबाव को कैसे संभालते हैं और अपनी बेदाग छवि को बनाए रखते हैं।”
पूरे आबकारी विभाग में यह मामला गर्म चर्चा का विषय बना हुआ है। कर्मचारी और स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि अक्षय के नेतृत्व में सेक्टर-1 में कोई अनियमितता नहीं होगी।







