राजस्थान हाईकोर्ट ने चर्चित नाबालिग यौन उत्पीड़न मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए स्वयंभू धर्मगुरु Asaram Bapu की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने आसाराम को सरेंडर करने का आदेश दिया है। वहीं मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
करीब एक महीने तक फैसला सुरक्षित रखने के बाद हाईकोर्ट ने यह निर्णय सुनाया। कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई सजा में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि मामले में प्रस्तुत साक्ष्य और पीड़िता के बयान पर्याप्त हैं।
यह मामला उस समय देशभर में सुर्खियों में आया था जब नाबालिग लड़की ने आसाराम पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। जांच और सुनवाई के बाद निचली अदालत ने आसाराम को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी।
हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब आसाराम को निर्धारित समय के भीतर सरेंडर करना होगा। फैसले को लेकर अदालत परिसर के बाहर सुरक्षा भी बढ़ाई गई थी। दूसरी ओर, दो आरोपियों को राहत मिलने के बाद उनके परिजनों ने संतोष जताया है।
इस फैसले को देश के चर्चित आपराधिक मामलों में एक अहम कानूनी पड़ाव माना जा रहा है। अब इस मामले में आगे की कानूनी लड़ाई उच्च अदालतों तक पहुंच सकती है।
आसाराम को फिर से जेल हाईकोर्ट ने सजा रखी बरकरार दो लोगों को बरी किया…






